फिक्की फ्लो लखनऊ के ‘आर्टिसन मेला सीजन-3’ में दिखी भारतीय हस्तशिल्प की अनूठी छटा

The unique charm of Indian handicrafts was on display at FICCI FLO Lucknow’s ‘Artisan Mela Season-3’.
 
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लखनऊ। भारतीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और कारीगरों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फिक्की फ्लो लखनऊ ने चेयरपर्सन सिमरन साहनी के नेतृत्व में डालीबाग स्थित खादी भवन में ‘आर्टिसन मेला सीजन-3’ का आयोजन किया। खादी ग्राम उद्योग के सीईओ शिशिर ने मेले का उद्घाटन किया। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और बुनकरों ने अपने पारंपरिक उत्पादों और कलाकृतियों का प्रदर्शन किया।

मेले का मुख्य उद्देश्य कारीगरों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उनकी कला को पहचान दिलाना और उन्हें ग्राहकों से सीधे जोड़कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

50 से अधिक स्टॉल पर देशभर की कला का संगम

छोटी-सी पहल के रूप में शुरू हुआ ‘आर्टिसन मेला’ आज हस्तशिल्प को बढ़ावा देने वाले व्यापक मंच के रूप में उभर रहा है। इसके तीसरे संस्करण में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा, कश्मीर, पंजाब, महाराष्ट्र और बंगाल सहित देश के कई हिस्सों के कारीगर हिस्सा ले रहे हैं।

कारीगरों को प्रोत्साहित करने के लिए फिक्की फ्लो लखनऊ की ओर से निःशुल्क प्रदर्शनी स्थल उपलब्ध कराया गया है। इससे उन्हें अतिरिक्त प्रदर्शनी शुल्क की चिंता किए बिना अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने और कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

दिवाली की खरीदारी के लिए पारंपरिक उत्पादों की भरमार

दिवाली और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मेले में हस्तशिल्प, परिधान और घरेलू सजावट से जुड़े उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई है। यहां लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी, ब्लू पॉटरी, पटोला साड़ियां, हथकरघा उत्पाद, जूट के सामान, मधुबनी पेंटिंग, मार्बल की सजावटी वस्तुएं, हड्डी की नक्काशी, आभूषण, ब्लॉक प्रिंट और होम लिनन जैसे उत्पाद आकर्षण का केंद्र हैं।

इसके अलावा मोमबत्तियां, दीये, बंधनवार, रीसाइकल्ड सजावटी वस्तुएं और शहद सहित कई उत्पाद भी उपलब्ध हैं। मेले में आगंतुकों को पारंपरिक शिल्प और स्थानीय कला से जुड़े उत्पाद वाजिब कीमतों पर खरीदने का अवसर मिल रहा है।

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खरीदारी के साथ उत्सव और मनोरंजन का माहौल

मेले को केवल खरीदारी तक सीमित न रखते हुए इसे एक उत्सवपूर्ण अनुभव बनाने के लिए मनोरंजक कार्यक्रमों, लकी ड्रॉ और खानपान के स्टॉल की भी व्यवस्था की गई है। नवरात्रि के विशेष व्यंजन भी आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं।

हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और उत्सवी माहौल का यह संगम मेले को परिवार के साथ खरीदारी करने और समय बिताने के लिए खास बना रहा है।

कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

फिक्की फ्लो लखनऊ का यह आयोजन पारंपरिक कारीगरों और ग्राहकों के बीच की दूरी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे मंच कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए नए ग्राहक तलाशने, बाजार की जरूरतों को समझने और अपने व्यवसाय को विस्तार देने का अवसर प्रदान करते हैं।

यह पहल भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ हस्तशिल्प क्षेत्र में आजीविका के टिकाऊ अवसर विकसित करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की कलाओं को एक मंच पर लाकर मेला पारंपरिक शिल्प को प्रोत्साहित करने में योगदान दे रहा है।

अदिति जग्गी रस्तोगी और रिया पंजाबी ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

कार्यक्रम का सफल आयोजन इवेंट चेयर अदिति जग्गी रस्तोगी और रिया पंजाबी ने किया। उनके समर्पित प्रयासों से ‘आर्टिसन मेला सीजन-3’ कारीगरों, बुनकरों और ग्राहकों के बीच संवाद तथा व्यावसायिक जुड़ाव स्थापित करने वाला प्रभावी मंच बना।

फिक्की फ्लो लखनऊ का यह आयोजन भारतीय हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को नए अवसर उपलब्ध कराने और त्योहारों की खरीदारी को पारंपरिक कला से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

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