भारतीय बच्चों में बढ़ते मोटापे की रोकथाम के लिए वित्तीय सहायता का ऐलान
लखनऊ। WHO Foundation और Novo Nordisk ने भारत में बच्चों के बीच बढ़ते मोटापे की समस्या से निपटने के लिए एक नए सहयोग की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय स्कूलों में ऐसे कार्यक्रम चलाना है, जिनसे बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिले और बढ़ते मोटापे को रोका जा सके। यह पहल भारत सरकार के Ayushman Bharat School Health and Wellness Programme तथा Health Promoting Schools ढांचे के अनुरूप होगी।
इस अवसर पर विक्रांत श्रोत्रिय ने कहा कि एक स्वस्थ समाज की नींव तब रखी जा सकती है जब युवाओं को सही जीवनशैली चुनने के लिए सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि भारत में बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ता मोटापा एक गंभीर चिंता का विषय है और इससे समय रहते निपटना आवश्यक है।
वहीं अनिल सोनी ने कहा कि भारत में मोटापे की समस्या तेजी से फैल रही है, इसलिए रोकथाम पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उनके अनुसार स्कूल इस दिशा में सबसे प्रभावी स्थान हैं, जहां स्वास्थ्य जांच, जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
World Health Organization के अनुसार आज दुनिया में कम वजन की तुलना में अधिक वजन और मोटापे के कारण अधिक मौतें हो रही हैं। मोटापा हृदय रोग और Type 2 Diabetes जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। बचपन में अधिक वजन होने से आगे चलकर मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
इस साझेदारी के तहत बच्चों में स्वस्थ वातावरण विकसित करने, शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, जोखिमों की समय रहते पहचान करने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। परियोजना के तहत चुनिंदा जिलों में स्कूलों में स्वास्थ्य जांच, जीवनशैली शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को भी जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चों और किशोरों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की पहचान समय रहते की जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में मोटापा और उससे जुड़ी हृदय, गुर्दे तथा मेटाबोलिक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में बीमारियों की रोकथाम, शुरुआती पहचान और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली के लिए इस प्रकार के सहयोग को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
