राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में ज्वालापुर से उमड़ा सैलाब, नेत्रपाल सिंह अठवाल के नेतृत्व में देहरादून पहुंचे सैकड़ों युवा
हरिद्वार/देहरादून: कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के देहरादून में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में शामिल होने के लिए पूरे उत्तराखंड से युवाओं और छात्रों का भारी हुजूम उमड़ा। इस कार्यक्रम में हरिद्वार जिले की ज्वालापुर विधानसभा सीट से भी एक मजबूत भागीदारी देखने को मिली। उत्तराखंड कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष नेत्रपाल सिंह अठवाल के नेतृत्व में ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी, छात्र और युवा देहरादून पहुंचे और कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया।
"षड्यंत्रों के बाद भी छात्रों को रोकने में नाकाम रही भाजपा" — अठवाल
देहरादून पहुंचे नेत्रपाल सिंह अठवाल ने प्रदेश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहुल गांधी के इस छात्र संवाद कार्यक्रम की सफलता से बुरी तरह डरी हुई थी, यही वजह है कि इसे विफल करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई अड़चनें पैदा की गईं।
अठवाल ने कहा प्रशासन द्वारा 1 लाख 77 हजार रुपये की धनराशि जमा करा लेने के बावजूद अंतिम समय पर परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति (परमिशन) को निरस्त कर दिया गया। सरकार ने छात्रों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए कई हथकंडे अपनाए, लेकिन प्रदेश का युवा अपने अधिकारों के लिए जागरूक है। कार्यक्रम में उमड़ी लाखों की यह भीड़ इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य और देश के युवाओं ने अब भाजपा की जनविरोधी नीतियों को सिरे से खारिज कर दिया है।"
भाजपा महिला विंग के विरोध पर किया पलटवार
कार्यक्रम के दौरान भाजपा से जुड़ी कुछ महिला नेताओं द्वारा राहुल गांधी के उत्तराखंड आगमन का विरोध किए जाने पर भी नेत्रपाल सिंह अठवाल ने कड़ा ऐतराज जताया और उन पर चुनिंदा मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
अठवाल ने सवाल उठाते हुए कहा:
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"भाजपा की इन नेत्रियों ने तब कभी कोई विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं किया जब प्रदेश में अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ जघन्य घटनाएं घटित हुईं?"
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"शांतशाह की बेटी का मामला हो, केतन हत्याकांड हो, या फिर बेलडा प्रकरण में पीड़ित महिलाओं का मुद्दा—इन तमाम गंभीर विषयों पर सत्ताधारी दल की महिला नेताओं ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।"
55 मिनट के भाषण में राजनीति नहीं, सिर्फ युवाओं के भविष्य पर हुई चर्चा
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि तमाम तरह के राजनीतिक षड्यंत्रों के बावजूद राहुल गांधी का यह कार्यक्रम बेहद सुव्यवस्थित, अनुशासित और युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला साबित हुआ।
नेत्रपाल सिंह अठवाल ने बताया कि राहुल गांधी ने अपने लगभग 55 मिनट के पूरे संबोधन में कहीं भी किसी प्रकार की कोई राजनीतिक या चुनावी बात नहीं की। उन्होंने अपना पूरा वक्त केवल और केवल देश व प्रदेश के छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्याओं, उनकी शिक्षा, रोजगार के अवसरों और उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा करने में लगाया। यही कारण है कि आज देश का युवा अपने बेहतर कल की उम्मीद राहुल गांधी के विचारों में देख रहा है। इस सफल आयोजन के बाद से ही विपक्षी खेमे में खलबली मची हुई है।
