इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ फॉरेंसिक साइंस वीक–2025
लखनऊ। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज़ के अंतर्गत फॉरेंसिक साइंस विभाग द्वारा “फॉरेंसिक साइंस वीक–2025” का भव्य आयोजन 23 से 25 सितम्बर 2025 तक किया गया। इस कार्यक्रम का निर्देशन अतिरिक्त प्रो-चांसलर श्री सैय्यद फ़ौज़ांन अख्तर के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत
23 सितम्बर को इंटीग्रल इंस्टिट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज़ एंड रिसर्च के निदेशक प्रो. (डॉ.) अशफ़ाक़ ख़ान ने इसका शुभारम्भ किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस आधुनिक दौर में अपराधों की वैज्ञानिक पड़ताल और न्याय प्रक्रिया का अहम स्तंभ बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए ऐसे शैक्षणिक आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी सुश्री नम्रता सिंह ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस अपराधियों की पहचान और साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण में सहायक होने के साथ-साथ न्याय प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उद्घाटन के दिन क्विज़ और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने फॉरेंसिक साइंस के विभिन्न पहलुओं पर अपनी रचनात्मकता और ज्ञान प्रस्तुत किया।
दूसरे दिन की गतिविधियाँ
24 सितम्बर को वाद-विवाद, रंगोली और तात्कालिक भाषण (एक्सटेम्पोर) प्रतियोगिताएँ आयोजित हुईं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों ने समाज में फॉरेंसिक साइंस की उपयोगिता और अपराध नियंत्रण में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
अंतिम दिन का आकर्षण
25 सितम्बर को मॉक क्राइम सीन और मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने अपराध स्थल का प्रबंधन, साक्ष्यों का संकलन और विश्लेषण तथा न्यायालयीन कार्यवाही का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। यह अनुभव छात्रों के लिए बेहद शिक्षाप्रद रहा।
उपस्थिति
इस अवसर पर डिपार्टमेंट ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज़ के विभागाध्यक्ष श्री मोजाहिदुल इस्लाम, सहायक प्राध्यापक श्रीमती खालिदा नज़ीर, श्री असीम अमीन, व्याख्याता सुश्री एकता सिंह यादव और सुश्री रूमी परवीन सहित विभाग के सभी संकाय सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
