टीएमसी में दल-बदल पर पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह का बड़ा बयान, बोले- पैसा, भय और लालच से टूटते हैं नेता
योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि नेताओं को तोड़ने के लिए मुख्य रूप से दो चीजें काम करती हैं—पैसा और भय अथवा लालच। उनका कहना था कि जब किसी व्यक्ति के सामने धन, डर और लालच का मिश्रण रख दिया जाता है तो उससे बच पाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में केवल वही लोग अडिग रह सकते हैं जो पूरी तरह निस्पृह और निर्मोही हों।
योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि नेताओं को तोड़ने के लिए मुख्य रूप से दो चीजें काम करती हैं—पैसा और भय अथवा लालच। उनका कहना था कि जब किसी व्यक्ति के सामने धन, डर और लालच का मिश्रण रख दिया जाता है तो उससे बच पाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में केवल वही लोग अडिग रह सकते हैं जो पूरी तरह निस्पृह और निर्मोही हों। पूर्व मंत्री ने कहा कि टीएमसी के कई सांसद और विधायक भी इसी तरह दल-बदल का शिकार हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल में हो रही इस स्थिति को क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक नाकामी माना जाए।
योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि राजनीति का स्वरूप अब बदल चुका है। पहले विरोधियों को दबाव में लेने के लिए संकेत दिए जाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां अलग हैं। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि कई ऐसे लोग हैं जो महीनों या वर्षों तक जेल में रहे, लेकिन बाद में अदालतों से राहत प्राप्त कर ली।
उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके मामलों में भी अंतिम निर्णय अभी शेष है। सिंह ने सवाल किया कि ऐसे मामलों में आखिर कितने लोगों को अब तक सजा हुई है, जबकि अधिकांश प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आरोपों और परिस्थितियों का सामना कर लेता है, वह राजनीतिक रूप से टिक जाता है, लेकिन जो ऐसा नहीं कर पाता, वह दबाव में आकर पार्टी छोड़ने को मजबूर हो जाता है।
पूर्व राज्य मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने यह बयान करनैलगंज स्थित डाक बंगले में आयोजित एक बातचीत के दौरान दिया था, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
