केकेसी महाविद्यालय में संस्थापक दिवस समारोह (वार्षिकोत्सव 2026) आयोजित

Founder's Day Celebration (Annual Function 2026) Held at KCC College
 
Founder's Day Celebration (Annual Function 2026) Held at KCC College
लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)।
श्री जयनारायण मिश्र महाविद्यालय, केकेसी में आज संस्थापक दिवस समारोह (वार्षिकोत्सव-2026) का आयोजन नवीन भवन स्थित उत्सव स्थल में किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री प्रो. दिनेश शर्मा ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 1917 में स्थापित यह संस्थान आज भी आधुनिकता के साथ अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व यह शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनने वाला पहला महाविद्यालय था। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिलाओं को समान अवसर देकर आगे बढ़ाना आवश्यक है। शिक्षा में आधुनिकीकरण के साथ हमारी प्राचीन संस्कृति और सभ्यता का भी समावेश होना चाहिए, क्योंकि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है।

प्रो. शर्मा ने महाविद्यालय के शैक्षिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय को पूर्व में नैक का ‘ए’ ग्रेड प्राप्त हो चुका है और भविष्य में यह ‘ए++’ ग्रेड भी प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में छात्राओं की बढ़ती संख्या उनके सशक्तिकरण का प्रतीक है। जिस समाज में नारी शक्ति को सम्मान नहीं मिलता, वहां विकास और समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती।
उन्होंने शिक्षा में नैतिक मूल्यों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आने वाले समय में महाविद्यालय में आई-सेंटर की स्थापना होनी चाहिए, जिससे प्रस्तावित एआई सिटी में केकेसी के छात्र-छात्राएं सशक्त भागीदारी कर सकें। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए महाविद्यालय के शोध वातावरण की भी सराहना की और इसे और अधिक गुणवत्तापरक व व्यापक बनाने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘ज्योति किरण’ तथा जर्नल ‘कॉमर्स टुडे’, ‘विचार’, ‘लॉ रिव्यू’, ‘साइंस रिवेलेशन’ और ‘टॉर्च बेयर्स 2026’ के नवीन संस्करणों का विमोचन भी किया।
मुख्य अतिथि वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, कानपुर विश्वविद्यालय तथा राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जे. वी. वैशंपायन ने कहा कि उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा से भिन्न होती है। यहां बच्चे नहीं बल्कि युवा पढ़ने आते हैं, इसलिए उच्च शिक्षा में गुणवत्ता का समावेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने गुणवत्ता पूर्ण उच्च शिक्षा के लिए तीन प्रमुख तत्व—करिकुलम, इंस्ट्रक्शन और असेसमेंट—को आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि ज्ञान देने से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि ज्ञान किस प्रकार दिया जा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षा में वायवा प्रणाली की मजबूती और छात्रों के सॉफ्ट स्किल्स के विकास पर भी जोर दिया तथा कहा कि एनसीसी और एनएसएस इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बी. एल. शर्मा ने कहा कि देश में उच्च शिक्षा का नामांकन अनुपात केवल 28 प्रतिशत है। इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे अधिक से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करें।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष गोपाल नारायण मिश्र ने मेधावी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी सफलता की श्रृंखला को आगे भी बनाए रखें।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के. के. शुक्ल ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष महाविद्यालय में डाटा रिसोर्स सेंटर की स्थापना की गई है तथा आगामी वर्ष से एलएलबी पांच वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय की वेबसाइट अब jnpg.org.ac.in कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि 3540 सीटों के सापेक्ष 7000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। शिक्षकों ने 438 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में भाग लिया, 168 शोधपत्र प्रकाशित हुए तथा 22 पुस्तकों का प्रकाशन हुआ। महाविद्यालय में 95 से अधिक शोधार्थी शोध कार्य कर रहे हैं और पिछले वर्ष 10 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि 1500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने इंटर्नशिप की तथा 400 से अधिक छात्रों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
इस अवसर पर प्रबंध समिति सदस्य एवं कान्यकुब्ज कमेटी की उपाध्यक्ष शिखा शुक्ला ने स्ववित्तपोषित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की घोषणा की। इसके तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ₹1000, तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को ₹1200 तथा शिक्षकों को ₹1500 मासिक वेतन वृद्धि दी जाएगी।
समारोह में सत्र 2024-25 के लिए तनीषा सिंह (एमएससी) को समग्र प्रतिभा के लिए अध्यक्ष पदक एवं ₹21,000 तथा अर्पिता सिंह (बी.एड.) को सर्वोच्च शैक्षणिक उपलब्धि के लिए प्राचार्य पदक एवं ₹15,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा अंडर ऑफिसर तेजस्विनी और अंशुल यादव को बेस्ट एनसीसी कैडेट, अंडर ऑफिसर अभय प्रताप को अखिलेश सिंह चौहान स्मृति पदक, गणेश चंद्र चौरसिया और तनिष्का श्रीवास्तव को बेस्ट एनएसएस वालंटियर, इशिका गुप्ता और प्रदीप कुमार को बेस्ट स्पोर्ट्स पर्सन तथा भावना गुप्ता को सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रतिभा का पदक प्रदान किया गया।
समारोह में कुल 69 पदक वितरित किए गए, जिनमें से 48 पदक छात्राओं ने प्राप्त किए।
इस अवसर पर गत वर्ष सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो. ताज मोहम्मद, प्रो. राजेश कुमार तिवारी, प्रो. सरिता चौहान और सन्निवेश मिश्रा सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों वंदना, राम मिलन, शिव गोपाल और राजेंद्र पांडे को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा ऐशनी द्वारा गणेश वंदना पर नृत्य प्रस्तुति से हुई, जबकि शुभम और उनके समूह ने कुलगीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. पायल गुप्ता ने किया। समारोह में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अश्विनी मिश्रा, डॉ. अनिल मिश्रा, प्रबंध समिति सदस्य टी. एन. मिश्रा, डॉ. इंदु सुभाष, प्रो. चंद्र मोहन दुबे, प्रो. आलोक मिश्रा, माधव लखवानी सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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