एलएस एंबुलेंस कर्मियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

Four-day training for LS ambulance personnel concludes.
 
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जीएमसी मेडिकल कॉलेज तिर्वा में एलएस एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल और बेहतर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस कर्मियों की दक्षता और आत्मविश्वास को बढ़ाना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम एसीएमओ डॉ. महेंद्र भान, ऑपरेशन प्रबंधक अनुराग कपूर, मंडल प्रभारी पवन द्विवेदी तथा ट्रेनर विकास कुमार पांडे के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस दौरान ईएमटी को एंबुलेंस में उपलब्ध विभिन्न जीवनरक्षक उपकरणों के संचालन और आपातकालीन परिस्थितियों में उनके सही इस्तेमाल की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में वेंटिलेटर, मॉनिटर, सक्शन पंप और सिरिंज पंप समेत अन्य मेडिकल उपकरणों की कार्यप्रणाली, संचालन तथा मरीज की गंभीर स्थिति के अनुसार उनके उपयोग का अभ्यास कराया गया। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक दवाओं के उचित उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई।


प्रशिक्षण के दौरान कार्डियक इमरजेंसी पर विशेष जोर दिया गया। ईएमटी को हृदय संबंधी आपात स्थिति की पहचान, तत्काल प्राथमिक उपचार तथा सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि हृदय गति रुकने जैसी गंभीर स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में एंबुलेंस कर्मी द्वारा समय पर और सही तरीके से किया गया सीपीआर मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।


ऑपरेशन प्रबंधक अनुराग कपूर ने प्रशिक्षण के दौरान एलएस एंबुलेंस सेवा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एंबुलेंस केवल मरीज को अस्पताल पहुंचाने का साधन नहीं, बल्कि एक चलती-फिरती आपातकालीन चिकित्सा इकाई के रूप में कार्य करती है। गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले आवश्यक प्राथमिक उपचार और जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराना एंबुलेंस कर्मियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बेहोशी, गंभीर चोट अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज को शीघ्र और सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के साथ रास्ते में उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखना जरूरी है। इसके लिए ईएमटी को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के संचालन के साथ आपातकालीन चिकित्सा की व्यावहारिक जानकारी भी होना आवश्यक है।


उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से एंबुलेंस कर्मियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेकर मरीज को समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा सकते हैं। एलएस एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य आपातकालीन मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाना है।


प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न जीवनरक्षक उपकरणों के संचालन का अभ्यास किया। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की देखभाल से जुड़े सवालों पर प्रशिक्षकों से जानकारी प्राप्त की और अपनी शंकाओं का समाधान किया।

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