पहले दिन 34 गांवों में 12,268 मरीजों का निःशुल्क उपचार

On the first day, 12,268 patients received free treatment in 34 villages.
 
पहले दिन 34 गांवों में 12,268 मरीजों का निःशुल्क उपचार
बलरामपुर।  नेपाल सीमा से सटे ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सशक्त पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरु गोरक्षनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का भव्य शुभारंभ हो गया है। यात्रा के पहले दिन तुलसीपुर, गैसड़ी एवं पचपेड़वा क्षेत्र में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों में कुल 12,268 मरीजों का उपचार किया गया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों ने ननमहरा, कल्याणपुर, प्रेमनगर, होमपुर गनेशपुर, महादेव जमुनी, इमलिया कोडर, मजगवा, बघेलखंड, भोजपुर थारू सहित कुल 34 गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की तथा आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण किया।

jiopi

स्वास्थ्य शिविरों में सामान्य रोगों के साथ-साथ मौसमी बीमारियों, महिला स्वास्थ्य, बाल रोग एवं वृद्धजनों से संबंधित समस्याओं की विशेष जांच की गई। दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों को बिना शहर गए विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से लोगों ने इस पहल की सराहना की।

एनएमओ के जिला सचिव डॉ. विकल्प मिश्रा ने बताया कि गुरु गोरक्षनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले दिन 34 गांवों में सफलतापूर्वक शिविर लगाए गए, जबकि दूसरे दिन शनिवार को चयनित अन्य 34 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। यात्रा के अंतिम दिन देवीपाटन मंदिर परिसर में एक भव्य मेगा स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संगठन एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। विभाग प्रचारक प्रवीण कुमार, प्रांत संपर्क प्रमुख गंगा सिंह, जिला प्रचारक जितेंद्र कुमार एवं जिला सचिव डॉ. विकल्प मिश्रा ने विभिन्न शिविर स्थलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्यामसुंदर, अभिषेक कुमार, अवधेश कुमार, शिवम पांडेय, आलोक कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने पंजीकरण, मरीजों के मार्गदर्शन एवं दवा वितरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस व्यापक स्वास्थ्य अभियान से सीमावर्ती क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे जनहितकारी प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहने चाहिए।

Tags