लोकल से ग्लोबल तक: भारत की आफ्टरमार्केट और ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री ACMA Automechanika के साथ नई दिल्ली में ग्लोबल फास्ट लेन में प्रवेश
यशभूमि में सजेगा ऑटो घटकों का महाकुंभ
यह भव्य आयोजन 5 से 7 फरवरी 2026 तक द्वारका, दिल्ली स्थित यशोभूमि (IICC) में होगा। इस एक्सपो में 870 से अधिक प्रदर्शक (Exhibitors) शामिल होंगे, जो दुनिया भर के खरीदारों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स के सामने भारतीय नवाचार (Innovation) का प्रदर्शन करेंगे।
तेजी से बढ़ता बाजार: 2030 तक बड़े धमाके की तैयारी
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एक्मा) के आंकड़े भारतीय ऑटो सेक्टर की मजबूती की गवाही दे रहे हैं:
-
मौजूदा वैल्यू (FY25): 80.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर।
-
आफ्टरमार्केट का हिस्सा: 11.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर।
-
भविष्य का अनुमान (2030): इस इंडस्ट्री के 111 से 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस
मेस्से फ्रैंकफर्ट एशिया होल्डिंग्स के कार्यकारी निदेशक राज मानेक के अनुसार, यह शो न केवल अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित करेगा, बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (EV) और क्लीन-फ्यूल ईकोसिस्टम पर भी विशेष जोर देगा। भारत अब केवल एक मैन्युफैक्चरिंग सेंटर नहीं, बल्कि एक ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में उभर रहा है, जो जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबल सॉल्यूशंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा रहा है।
प्रमुख बिंदु: क्यों खास है यह आयोजन?
-
मेक इन इंडिया का दम: PLI स्कीम और FDI सुधारों के चलते वैश्विक निवेशकों की रुचि बढ़ी है।
-
नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म: OEM, गैरेज मालिक, फ्लीट ऑपरेटर्स और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए एक साझा मंच।
-
एक्सपोर्ट के अवसर: भारतीय ऑटो घटकों की बढ़ती मांग को देखते हुए ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की भूमिका अहम हुई है।
