मन की मजबूती से बेहतर सेहत तक, अपोलोमेडिक्स के ‘राइज एबव’ सत्र में हुआ सार्थक संवाद

सिस्टर बीके शिवानी ने बताया सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन का महत्व, विशेषज्ञों ने थायरॉइड, आईसीयू देखभाल और कैंसर पर दी जानकारी

 
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लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026। जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक मजबूती जितनी जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य भी है। इसी संदेश के साथ अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ की ओर से ‘राइज एबव: ए डायलॉग ऑन इनर स्ट्रेंथ’ सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक मार्गदर्शक एवं वक्ता सिस्टर बीके शिवानी ने आंतरिक शक्ति, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन पर विचार साझा किए। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने थायरॉइड संबंधी समस्याओं, आईसीयू देखभाल और कैंसर के प्रति जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

कार्यक्रम का आयोजन अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (एफएलओ), लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी और कार्यकारिणी समिति की सहभागिता से किया।

आंतरिक शक्ति और सकारात्मक सोच पर जोर

सिस्टर बीके शिवानी ने कहा कि जीवन की परिस्थितियां हमेशा हमारे अनुकूल हों, यह जरूरी नहीं है, लेकिन हर परिस्थिति में मन को शांत रखना और सही दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना हमारे हाथ में है। जब हम अपने विचारों और भावनाओं को समझना सीखते हैं, तो कठिन परिस्थितियों का सामना अधिक धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वास्तविक शक्ति केवल बाहरी परिस्थितियों को बदलने में नहीं, बल्कि अपने भीतर ऐसी स्थिरता विकसित करने में भी है, जो हर चुनौती से उबरने की प्रेरणा देती है। सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन व्यक्ति को मुश्किल समय में बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।

समय पर जांच और उचित उपचार जरूरी

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के एमडी एवं सीईओ डॉ. मयंक सोमानी ने थायरॉइड संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच और गंभीर मरीजों की देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि कई बार लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक उनका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर नहीं पड़ने लगता। थायरॉइड जैसी समस्याओं में समय पर जांच और उचित उपचार जरूरी है। वहीं, गंभीर मरीजों की देखभाल में आईसीयू की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जहां विशेषज्ञों की टीम मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखती है और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराती है। समय पर चिकित्सा सहायता मरीज की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कैंसर के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के ऑन्कोलॉजी नेटवर्क के सीईओ एवं क्लिनिकल हेड डॉ. हरित चतुर्वेदी ने कैंसर के प्रति जागरूकता और समय पर जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैंसर के उपचार में बीमारी की पहचान, उसका प्रकार और अवस्था महत्वपूर्ण होती है। समय पर जांच से उपचार के विकल्पों पर उचित निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने सलाह दी कि शरीर में किसी असामान्य बदलाव या लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

स्वास्थ्य जागरूकता के लिए संवाद जरूरी

एफएलओ लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी ने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को जीवन की चुनौतियों को नए नजरिये से देखने और अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने का अवसर देते हैं। आध्यात्मिक विचारों के साथ स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा लोगों को अधिक जागरूक बनाने में मदद करती है।

उन्होंने कहा कि ऐसे संवादों का उद्देश्य लोगों को अपने जीवन और स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाना है। कार्यक्रम में मानसिक मजबूती और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर विशेष ध्यान दिया गया। सत्र का उद्देश्य लोगों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

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