बलरामपुर में प्रशासन की 'गांधीगीरी': नियम मानने वालों को मिला गुलाब, उल्लंघन करने वालों पर लगा 8 लाख से अधिक का जुर्माना
बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करने और आम नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखा और बेहद सराहनीय कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के सीधे निर्देशन में पूरे जनपद में 'विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान' चलाया गया, जिसमें सड़क पर प्रशासन का एक अलग ही रूप—'सख्ती भी और सम्मान भी' देखने को मिला।
इस विशेष अभियान के तहत जनपद के प्रमुख चौराहों, व्यस्त बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जहां एक ओर सघन चेकिंग की गई, वहीं दूसरी ओर यातायात नियमों का पालन करने वाले आदर्श नागरिकों को अनोखे अंदाज में प्रोत्साहित किया गया।
चौराहों पर खुद उतरे शीर्ष अधिकारी, वाहन चालकों को दी सीख
सड़क सुरक्षा को एक जनआंदोलन का रूप देने के लिए जिले के आला अधिकारी खुद सड़कों पर उतरे। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हिमांशु गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) विशाल पांडे, अपर जिलाधिकारी (ADM) शिव नारायण सिंह, उप जिलाधिकारी (SDO) हेमंत गुप्ता और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) बृजेश यादव सहित सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों व क्षेत्राधिकारियों ने प्रमुख चौराहों पर कमान संभाली।
अधिकारियों ने वाहन चालकों को रोककर संवाद किया और उनसे निम्नलिखित बुनियादी नियमों का पालन करने की भावुक अपील की:
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दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य प्रयोग।
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वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करना और निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) का पालन करना।
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नशे की हालत में वाहन न चलाना और गाड़ी के सभी वैध कागजात हमेशा साथ रखना।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल कानून या जुर्माने का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी है।
जब वीर विनय चौक पर दिखी 'गांधीगीरी'
अभियान के दौरान बलरामपुर के प्रसिद्ध वीर विनय चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान जिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण (RC), बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित सभी आवश्यक अभिलेख दुरुस्त पाए गए और जो हेलमेट/सीट बेल्ट लगाए हुए मिले, उन्हें अधिकारियों ने लाल गुलाब का पुष्प भेंट कर सम्मानित किया।
प्रशासन की इस 'गांधीगीरी' और सम्मान से नागरिक बेहद खुश नजर आए। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का पालन करने वाले ये सजग नागरिक समाज के लिए असली रोल मॉडल (प्रेरणा) हैं।
नियमों का मखौल उड़ाने वालों पर कड़ा चाबुक: 53 वाहन सीज, ₹8.17 लाख जुर्माना
सम्मान के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले लापरवाह चालकों के खिलाफ प्रशासन ने पूरी सख्ती भी दिखाई। मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत की गई इस कठोर प्रवर्तन कार्रवाई के आंकड़े निम्नलिखित हैं:
| कार्रवाई का प्रकार | कुल संख्या / राशि |
| सीज किए गए वाहन | 53 वाहन |
| काटे गए कुल चालान | 437 चालान |
| कुल जुर्माने की राशि | ₹8,17,500 |
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने जुर्माने के साथ-साथ चालकों को काउंसिलिंग भी की और उन्हें समझाया कि उनकी एक लापरवाही उनके परिवार को जीवन भर का गम दे सकती है।
सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: जिला प्रशासन
बलरामपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और बहुमूल्य मानव जीवन की रक्षा करना उनकी विशेष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए समाज में जनजागरूकता और प्रभावी प्रवर्तन (Enforcement) दोनों का होना बेहद जरूरी है।

प्रशासन ने सभी जनपदवासियों से अपील की है कि वे स्वयं सुरक्षित रहते हुए दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। सड़क सुरक्षा को पूरी तरह जनआंदोलन बनाने के लिए बलरामपुर में इस प्रकार के विशेष जनजागरूकता और चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।




