बड़े मंगल के भंडारों पर गैस सिलेंडर संकट की मार, ब्लैक में महंगे दामों पर मिल रहे कमर्शियल सिलेंडर

Gas Cylinder Crisis Hits 'Bade Mangal' Community Kitchens; Commercial Cylinders Available Only on the Black Market at Exorbitant Prices.
 
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Lucknow में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल पर आयोजित होने वाले भंडारों पर इस बार एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी में प्रथम बड़े मंगल पर अपेक्षा के मुकाबले कम भंडारे देखने को मिले, जिसकी बड़ी वजह कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कालाबाजारी बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, एक सामान्य मध्यम स्तर के भंडारे में 19 किलो वाले 4 से 6 व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस समय बाजार में कमर्शियल सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। वहीं यदि कहीं सिलेंडर मिल भी रहे हैं तो ब्लैक में काफी ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि 19 किलो का व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर 3500 से 3600 रुपये तक में बेचा जा रहा है। आरोप है कि इस व्यवस्था में कुछ गैस एजेंसियों की भूमिका भी सामने आ रही है, जो अतिरिक्त कीमत लेकर सिलेंडर उपलब्ध करवा रही हैं।

महंगे सिलेंडरों ने छोटे और मध्यम स्तर पर भंडारा कराने वाले आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बड़े आयोजक किसी तरह अतिरिक्त खर्च उठाकर व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन छोटे आयोजक ब्लैक में भी सिलेंडर खरीद पाने में असमर्थ हैं। यही कारण है कि इस बार बड़े मंगल पर भंडारों की संख्या कम नजर आ रही है।

लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर ईरान-अमेरिका तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े संकट का असर अब स्थानीय बाजारों तक पहुंचने लगा है। वहीं श्रद्धालुओं और आयोजकों दोनों में इस स्थिति को लेकर निराशा देखी जा रही है।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि ज्येष्ठ माह के आगामी बड़े मंगल पर भंडारों की रौनक दोबारा लौट सके।

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