दीप्ति खेड़ा में महिलाओं की हुंकार: संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की अध्यक्ष गीता गुप्ता ने सुनीं समस्याएं, आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
गैस किल्लत और चूल्हे की समस्या बनी मुसीबत
बैठक के दौरान महिलाओं ने शासन-प्रशासन से जुड़ी कई असुविधाओं पर चर्चा की, जिनमें गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता सबसे गंभीर मुद्दे के रूप में उभरी। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें नियमित रूप से सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे रसोई चलाना दूभर हो गया है। इसके अतिरिक्त, खराब चूल्हों और तकनीकी दिक्कतों के कारण दैनिक जीवन में आ रही कठिनाइयों पर भी विस्तार से बात की गई।
घरेलू उद्योग से आत्मनिर्भर बनने का मंत्र
राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'घरेलू उद्योग' को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा महिलाएं घर बैठे छोटे-छोटे उद्योगों के माध्यम से न केवल अपनी आय बढ़ा सकती हैं, बल्कि समाज में आत्मनिर्भर बनकर एक नई पहचान भी स्थापित कर सकती हैं। हमारा संगठन ऐसी उद्यमी महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।"
संगठन ने दिया समाधान का आश्वासन
गीता गुप्ता ने विश्वास दिलाया कि महिलाओं की इन समस्याओं को संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी महिलाओं से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
बैठक में प्रमुख उपस्थिति
इस संवाद कार्यक्रम में संगठन की कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थीं:
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उज़मा सिद्दीकी (जिला महामंत्री)
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सविता वर्मा (जिला प्रभारी)
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सुमन वर्मा, पल्लवी और शशि।
बैठक के अंत में सभी महिलाओं ने एकजुट होकर कार्य करने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
