Gen Z ने संभाला KTS 4.0 का सांस्कृतिक नेतृत्व
तमिलनाडु से रवाना हुआ पहला छात्र दल—Gen Z की धड़कनें सबसे तेज
29 नवंबर को कन्याकुमारी से निकले छात्र दल में ज्यादातर छात्र-छात्राएं Gen Z से हैं। लंबी यात्रा के दौरान युवा समूह खेल, इंटरएक्टिव गतिविधियों और आपसी संवाद के जरिए इस सफर को एक जीवंत सांस्कृतिक यात्रा में बदल रहे हैं। तमिलनाडु की छात्रा अर्चना ने बताया कि वे पहली बार काशी की आध्यात्मिकता और समृद्ध संस्कृति को करीब से देखने के लिए बेहद उत्साहित हैं। उनके अनुसार, “यह यात्रा मेरे लिए ईश्वर की विशेष इच्छा जैसी है, क्योंकि मैं सामान्यतः मंदिरों में कम जाती हूं। काशी को देखने का यह अवसर मेरे लिए अनोखा अनुभव होगा।”

मालती, जो तिरुप्पुर की निवासी हैं और यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं, कहती हैं कि “तमिल संस्कृति और काशी के बीच सदियों से गहरी आध्यात्मिक कड़ी रही है। संत मणिक्कवासगर जैसे महात्माओं ने इस संबंध को और मजबूत किया। काशी तमिल संगमम् इस रिश्ते को आधुनिक समय में नई पहचान दे रहा है।”
काशी में प्री-इवेंट्स में भी Gen Z का जलवा
प्राचीन नगरी काशी में घाटों और विश्वविद्यालय परिसरों में आयोजित प्री-इवेंट गतिविधियों में युवा बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
‘Run for KTS 4.0’—फिटनेस और सांस्कृतिक जागरूकता का संगम
युवाओं ने बड़ी संख्या में दौड़ में भाग लेकर न केवल फिटनेस का संदेश दिया, बल्कि काशी तमिल संगमम् 4.0 के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नुक्कड़ नाटक और रील-निर्माण—युवाओं का रचनात्मक अंदाज
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वीटी और घाटों पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटकों में Gen Z कलाकारों ने
काशी और तमिल सभ्यताओं के प्राचीन रिश्तों को रचनात्मक शैली में दिखाया। -
रील मेकिंग प्रतियोगिताओं में युवाओं ने सोशल मीडिया पर आयोजन की झलक साझा की,
जिससे पूरे देश में जेन-जी दर्शकों के बीच कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता तेज़ी से बढ़ रही है।
इस वर्ष की थीम – “Learn Tamil – तमिल करकलम्”
KTS 4.0 की थीम के तहत तमिल भाषा और संस्कृति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल में Gen Z की सक्रिय उपस्थिति कार्यक्रम को समयानुकूल और जन-सहभागिता आधारित बना रही है।

