केजीएमयू में आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारियों की आम सभा, निगम गठन व वेतन बढ़ोतरी की मांग
बैठक में कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से माननीय मुख्यमंत्री द्वारा घोषित स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए निगम गठन का मुद्दा उठाया। कर्मचारियों का कहना था कि घोषणा के एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद निगम अब तक मूर्त रूप नहीं ले सका है, जिससे उनमें गहरा रोष और निराशा व्याप्त है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निगम गठन का हवाला देकर वेतन बढ़ोतरी एवं वार्षिक इंक्रीमेंट रोके जाने पर भी कर्मचारियों ने नाराज़गी जताई।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल ने कहा कि यदि एक माह के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारी आंदोलन के लिए विवश होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।

वहीं संघ के महामंत्री मनोज ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों का संगठन के प्रति सहयोग तो रहता है, लेकिन एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों का शोषण, वेतन कटौती और प्रताड़ना लगातार जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय सहयोग के बावजूद एजेंसियां जानबूझकर कर्मचारियों को परेशान करती हैं।
बैठक में सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में निगम के शीघ्र गठन, वेतन बढ़ोतरी, वार्षिक इंक्रीमेंट, अवकाश की व्यवस्था लागू करने तथा महिला कर्मचारियों के किसी भी प्रकार के शोषण को रोकने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि महिला कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, सतीश चौहान, मनोज सिंह, बसंत, पाठक, विनोद कश्यप, विकास, सुभाष, उमेश, आराधना, लक्ष्मी, काजल, रंजना, राहुल, शैलेन्द्र, संदीप, गीतेश, सचिन, सुनील सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।
