जीजीआईसी सरोसा भरोसा में आर्ट इंटीग्रेटेड एजुकेशन के तहत अनूठा नवाचार, रंगोली के जरिए छात्राओं ने समझा जीव विज्ञान
दीपावली पर वैज्ञानिक संदेशों से सजी रंगोली ने बनाया विज्ञान को रोचक, जन्तुओं और वनस्पतियों के वर्गीकरण को कलात्मक ढंग से किया प्रस्तुत

मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी, लखनऊ मंडल डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालय की जीव विज्ञान प्रवक्ता दीप्ति विश्वकर्मा के नेतृत्व में छात्राओं ने दीपावली महापर्व पर जीव विज्ञान में पढ़ाए जाने वाले जन्तुओं एवं वनस्पतियों के वर्गीकरण को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। इस रचनात्मक गतिविधि के जरिए छात्राओं ने कला और विज्ञान का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।

डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को अपने शिक्षण विषयों को रुचिकर बनाने के लिए इस प्रकार के नवाचार करने चाहिए। विज्ञान की किसी भी शाखा का शिक्षण यदि विद्यार्थियों के दैनिक जीवन में होने वाली गतिविधियों से जोड़कर कराया जाए तो वे विषयवस्तु को आसानी से समझते हैं। इससे न केवल उनकी सीखने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि अर्जित ज्ञान भी लंबे समय तक स्थायी रहता है।

जीव विज्ञान प्रवक्ता दीप्ति विश्वकर्मा ने बताया कि विज्ञान के प्रति छात्राओं की रुचि बढ़ाने में इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां काफी सहायक होती हैं। जन्तु एवं वनस्पति विज्ञान में वर्गीकरण जैसे विषयों को रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत करने से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में वृद्धि होती है और वे कठिन अवधारणाओं को भी सहजता से समझ पाती हैं।

डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में भी खेल-खेल में शिक्षा और गतिविधि आधारित शिक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। इस प्रकार के नवाचार विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता और व्यावहारिक समझ को भी बढ़ावा देते हैं।
