मानव जीवन में सफलता का विज्ञान है गीता: सुरेश दूबे

रजत जयंती समारोह को भव्य बनाने के लिए गीता गोष्ठी परिवार जुटा
 
आगामी 14 दिसंबर, रविवार को होने वाले रजत जयंती समारोह की समीक्षा बैठक में श्री दूबे ने गोष्ठी के पदाधिकारियों को विभिन्न दायित्व सौंपते हुए कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समारोह गीता के संदेश को समाज तक और अधिक प्रभावशाली रूप से पहुंचाने का अवसर है।  गोष्ठी के संस्थापक सदस्य जनार्दन सिंह ने गोष्ठी परिवार से आह्वान किया कि नगर के प्रत्येक सनातनी परिवार से कम से कम एक सदस्य को समारोह में शामिल कराने का प्रयास किया जाए, ताकि कार्यक्रम भव्यता के साथ सफल हो सके।  बैठक में शामिल लगभग पाँच दर्जन पदाधिकारियों ने नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में निमंत्रण पत्र वितरित करने तथा प्रचार-प्रसार करने का संकल्प दोहराया।  बैठक में धीरेंद्र प्रताप पाण्डेय, के.के. श्रीवास्तव, चन्द्रभाल मिश्र, रमेश दूबे, उत्तम कुमार शुक्ल, राम सेवक सिंह, विजय शंकर, दुर्गा प्रसाद चतुर्वेदी, विजय मिश्रा, छेदीलाल सैनी, पंकज दूबे, राम अनुज दूबे और अशोक जायसवाल सहित कई पदाधिकारी उपस्थिति रहे।
गोण्डा। श्रीमद्भगवद्गीता जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त करने वाली दिव्य ग्रंथ है। यह केवल धार्मिक उपदेश देने वाला शास्त्र नहीं, बल्कि मानव जीवन में संतुलन, सात्विकता और उच्च आचरण का विज्ञान है।
यह विचार गीता गोष्ठी के संयोजक इं. सुरेश दूबे ने रविवार को मालवीय नगर स्थित रामेश्वरम मंदिर में आयोजित साप्ताहिक गीता गोष्ठी के बाद रजत जयंती समारोह की तैयारियों की बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

आगामी 14 दिसंबर, रविवार को होने वाले रजत जयंती समारोह की समीक्षा बैठक में श्री दूबे ने गोष्ठी के पदाधिकारियों को विभिन्न दायित्व सौंपते हुए कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समारोह गीता के संदेश को समाज तक और अधिक प्रभावशाली रूप से पहुंचाने का अवसर है।

गोष्ठी के संस्थापक सदस्य जनार्दन सिंह ने गोष्ठी परिवार से आह्वान किया कि नगर के प्रत्येक सनातनी परिवार से कम से कम एक सदस्य को समारोह में शामिल कराने का प्रयास किया जाए, ताकि कार्यक्रम भव्यता के साथ सफल हो सके।

बैठक में शामिल लगभग पाँच दर्जन पदाधिकारियों ने नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में निमंत्रण पत्र वितरित करने तथा प्रचार-प्रसार करने का संकल्प दोहराया। बैठक में धीरेंद्र प्रताप पाण्डेय, के.के. श्रीवास्तव, चन्द्रभाल मिश्र, रमेश दूबे, उत्तम कुमार शुक्ल, राम सेवक सिंह, विजय शंकर, दुर्गा प्रसाद चतुर्वेदी, विजय मिश्रा, छेदीलाल सैनी, पंकज दूबे, राम अनुज दूबे और अशोक जायसवाल सहित कई पदाधिकारी उपस्थिति रहे।

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