गोमती नगर: बच्चों की रचनात्मकता से सजी 'बाल चित्रशाला', प्रो. भरत राज सिंह ने विजेताओं को किया पुरस्कृत
रचनात्मकता को मिला सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. भरत राज सिंह (महानिदेशक-तकनीकी, एसएमएस एवं अध्यक्ष, विराम-5 जनकल्याण उपसमिति) ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों (10 वर्ष तक और 15 वर्ष तक) में विभाजित किया गया था। प्रो. सिंह ने विजेता बच्चों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरित करते हुए कहा, "ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों के भीतर छिपी सृजनात्मकता को बाहर लाती हैं और उनमें आत्मविश्वास व सांस्कृतिक चेतना का संचार करती हैं।"
मधुबनी चित्रकला का विशेष आकर्षण
समापन समारोह से पूर्व 4-5 अप्रैल को 'मधुबनी चित्रकला कार्यशाला' का भी आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में बच्चों ने पारंपरिक भारतीय लोक कला की बारीकियों को सीखा और कैनवास पर अपनी कल्पनाओं को उकेरा।
आयोजन और टीम
इस सफल कार्यक्रम का आयोजन डॉ. आर.पी. शर्मा एवं श्रीमती शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संयोजन की जिम्मेदारी विराम-5 जनकल्याण उपसमिति के सचिव श्री अरुण त्रिवेदी ने निभाई। बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स का सूक्ष्म मूल्यांकन विशेषज्ञ डॉ. गर्ग द्वारा किया गया।
प्रेरणादायक वातावरण
समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। एम.आई.जी. परिसर का वातावरण विभिन्न सांस्कृतिक रंगों और बच्चों की मुस्कान से जीवंत हो उठा। समिति के सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का संकल्प दोहराया।

