गोण्डा: नगर पालिका की बड़ी लापरवाही, स्ट्रीट लाइट के खंभे में उतरे करंट से युवक की मौत; बहन की हालत नाजुक

  • हादसे का कारण: बरसात के पानी में डूबा था स्ट्रीट लाइट का खुला तार।

  • पीड़ित: बहराइच निवासी भाई की मौके पर ही मौत, बहन लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर।

  • जनता का आक्रोश: लापरवाही के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग।

 
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गोण्डा। उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में सरकारी विभागों की कथित लापरवाही के कारण मासूम जिंदगियों से खिलवाड़ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बिजली विभाग की बड़ी चूक सामने आने के बाद, मंगलवार सुबह नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही ने एक होनहार युवक की जान ले ली, जबकि उसकी छोटी बहन जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

यह दर्दनाक हादसा लाल बहादुर शास्त्री (LBS) पीजी कॉलेज के ठीक सामने हुआ, जहाँ बहराइच से अपनी बहन को बीएड (B.Ed) की परीक्षा दिलाने आया युवक स्ट्रीट लाइट के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आ गया।

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बारिश से बचने के दौरान काल बना खंभा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहराइच जिले के हुजूरपुर थाना क्षेत्र (ग्राम भग्गड़वा) निवासी विमल (24 वर्ष) पुत्र श्रीकांत, अपनी 20 वर्षीय बहन प्राची को परीक्षा दिलाने गोण्डा आया था। प्राची कर्नलगंज के सरयू महाविद्यालय की छात्रा है और उसका परीक्षा केंद्र एलबीएस कॉलेज में था।

सुबह करीब 8:30 बजे हल्की बारिश से बचने के लिए दोनों भाई-बहन कॉलेज के सामने बने मॉडल वेंडिंग जोन के पास खड़े हो गए। वहीं पर नगर पालिका का एक स्ट्रीट लाइट का खंभा था, जिससे लिपटा एक खुला हुआ तार सड़क पर जमा बरसाती पानी में डूबा हुआ था। पानी के जरिए करंट पूरे इलाके में फैल चुका था।

💔 भाई को तड़पता देख बचाने दौड़ी बहन, दोनों झुलसे

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही विमल का पैर पानी या खंभे के संपर्क में आया, वह तड़पने लगा। भाई को मौत के मुंह में जाता देख बहन प्राची ने बिना सोचे-समझे उसे बचाने का प्रयास किया, जिससे वह खुद भी करंट की भयंकर ज़द में आ गई।

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आसपास के लोगों ने आनन-फानन में सूखी लकड़ी के सहारे दोनों को करंट से अलग किया, लेकिन तब तक विमल की सांसें थम चुकी थीं। गंभीर रूप से झुलसी प्राची को तुरंत गोण्डा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है।

🏛️ प्रशासन की कार्रवाई और अधिकारियों का पक्ष

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने स्थिति को संभाला। पुलिस के अनुसार:

  • युवक के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

  • पीड़ित परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है, जिससे परिवार में कोहराम मच गया है।

अधिशासी अधिकारी (EO), नगर पालिका का बयान:

"पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए एक तकनीकी टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आते ही जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर शहर के सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइटों और खुले तारों की तत्काल चेकिंग के आदेश दिए गए हैं।"

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 स्थानीय नागरिकों में आक्रोश, मुक़दमे की मांग

लगातार दूसरे दिन हुए इस बड़े बिजली हादसे से स्थानीय निवासियों और छात्रों में भारी आक्रोश है। कॉलेज के बाहर जुटी भीड़ ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जनता की प्रमुख मांगें
1. मानसून से पहले चेकिंग न करने वाले दोषी अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या (IPC/BNS) का मुकदमा दर्ज हो।
2. पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और घायल बहन के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की जाए।
3. शहर भर के सभी वेंडिंग जोन और सार्वजनिक स्थानों से खुले तारों को तुरंत हटाया जाए।

लगातार बढ़ते हादसे: स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले खंभों की अर्थिंग और अंडरग्राउंड वायरिंग की जांच करना नगर पालिका की वैधानिक जिम्मेदारी थी, जिसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। सोमवार को भी शहर में एक ऐसा ही हादसा हुआ था। यदि प्रशासन पहली घटना से सबक ले लेता, तो आज एक घर का चिराग बुझने से बच जाता।

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