गोंडा: आपदा प्रबंधन और आपातकालीन संचार में HAM Radio की भूमिका पर विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

Gonda: Special orientation program organized on role of HAM Radio in disaster management and emergency communication
 
ppp

गोंडा। आपदा के समय जब मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट जैसी आधुनिक संचार प्रणालियां ठप हो जाती हैं, तब 'हैम रेडियो' (HAM Radio) संकटमोचक बनकर उभरता है। इसी वैकल्पिक और विश्वसनीय संचार व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गोंडा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), गोंडा की प्रेरणा और 'रेडियो अवध' के साझा सहयोग से एल.बी.एस. डिग्री कॉलेज, गोंडा के HAM Radio Club में एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफ़ल आयोजन किया गया।

ppp

संकट के समय 'हैम रेडियो' की उपयोगिता पर मंथन

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध वर्ग को आपातकालीन परिस्थितियों में बेदाग काम करने वाली इस वायरलेस तकनीक से परिचित कराना था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे:

  • OM डॉ. महेश बाजपेयी (VU2YUT): वरिष्ठ हैम रेडियो विशेषज्ञ, जिन्होंने इस तकनीक की बारीकियों को समझाया।

  • OM मोहम्मद ज़ुबैर (VU2TDK): कार्यक्रम संयोजक, जिन्होंने आपदा प्रबंधन में इसकी व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बताया कि हैम रेडियो कैसे काम करता है, विपरीत परिस्थितियों में इसका नेटवर्क कितना मजबूत होता है, तथा देश में इसके संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंसिंग प्रक्रिया क्या है।

---

सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी

इस जागरूकता अभियान को मजबूत करने के लिए लायंस क्लब गोंडा अवध ने भी अपना सक्रिय समर्थन दिया। क्लब के अध्यक्ष लायन रमेश सिंह के नेतृत्व में लायन संतोष श्रीवास्तव और लायन प्रमोद सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की और युवाओं को इस जनहितकारी तकनीक को सीखने के लिए प्रेरित किया।

pp

इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने न केवल छात्र-छात्राओं बल्कि उपस्थित सभी नागरिकों में आपदा प्रबंधन और वैकल्पिक संचार साधनों के प्रति एक नई सोच और जागरूकता पैदा की। कॉलेज के हैम रेडियो क्लब की इस पहल को जिले में आपातकालीन तैयारियों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Tags