सरकारी खलिहान पर अवैध अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने हटाने की उठाई मांग
ग्रामीणों के अनुसार खलिहान की भूमि पर झुग्गी-झोपड़ी, जानवरों का नादा, चारा काटने की मशीन, मुर्गियों का दरबा तथा मिट्टी पाटकर स्थायी रूप से अतिक्रमण किया गया है। उनका कहना है कि इस अतिक्रमण के कारण वर्षा का पानी आसपास के घरों और दीवारों के किनारे जमा हो रहा है, जिससे लोगों के आवागमन में कठिनाई हो रही है तथा मकानों की दीवारें गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
कई बार की जा चुकी है शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में संपूर्ण समाधान दिवस, जिलाधिकारी गोंडा तथा प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली देहात को कई बार शिकायती पत्र दिए जा चुके हैं। शिकायतकर्ताओं में शमशेर, नूर आलम, नौशाद, बबन और एच.पी. श्रीवास्तव सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है।
लेखपाल ने दिया 15 दिन का समय
इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल प्रिंस मौर्य ने बताया कि 21 जून को मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मौजूदगी में खलिहान का सीमांकन किया गया था। उन्होंने बताया कि कथित अतिक्रमणकर्ता रहमत अली उर्फ टीड़ी को 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। लेखपाल के अनुसार यदि निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो पुलिस बल की सहायता से नियमानुसार कार्रवाई कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
