हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन
Grand organization of Hindu conference program
Sat, 31 Jan 2026
लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)। मां चंद्रिका इंटरप्राइजेज, हंसखेड़ा तिराहा, पारा के निकट एक भव्य हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत समाज, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में संत समाज से आदरणीय श्री बृजेश द्विवेदी जी, महंत, दुर्गा देवी मंदिर, आलमनगर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में आदरणीय श्री सत्यप्रकाश जी, बौद्धिक शिक्षण प्रमुख, लखनऊ दक्षिण भाग ने मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय श्री आमोद सिंह जी, प्रबंधक, एस.बी.एन. इंटर कॉलेज, नरपतखेड़ा, पारा ने की।

कार्यक्रम समिति की सह-संयोजिका के रूप में आदरणीय श्रीमती लक्ष्मी जी, प्रवचनकर्ता, सिंधी समाज तथा समिति संयोजक के रूप में आदरणीय श्री रत्नाकर तिवारी जी का विशेष सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इस हिंदू सम्मेलन को भव्य एवं सफल बनाने में समिति के सह-संयोजक श्री वीरप्रताप जी, कोषाध्यक्ष श्री बृजेश जी तथा समिति सदस्यों में श्री आशीष यादव जी, श्री प्रदीप पांडे जी, श्री सत्यजीत पांडे जी, श्री जगदम्बा प्रसाद दुबे जी, श्री पीयूष मिश्रा जी, श्री प्रियांशु तिवारी जी, श्री मनोज श्रीवास्तव जी सहित अन्य कार्यकर्ताओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम की संचालन टोली में श्री रवींद्र जी (आचार्य जी), श्री रामू जी, श्री अशोक जी, श्री मंदीप जी, श्री रवि जी, श्री दीप्तेश जी, श्री ऋतिक जी, श्री सर्वेश जी, श्री राहुल जी एवं श्री रमेश जी का अथक एवं सराहनीय सहयोग रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति मंडली के भजन-कीर्तन से हुआ। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों के मार्गदर्शन सत्र आयोजित हुए।
इस अवसर पर आदरणीय श्रीमती लक्ष्मी जी ने सामाजिक पंच परिवर्तन विषय—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, ‘स्व’ का भाव एवं नागरिक कर्तव्य—पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।
मुख्य वक्ता आदरणीय श्री सत्यप्रकाश जी ने हिंदुत्व की अवधारणा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष विषय पर प्रेरणादायी विचार रखे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अध्यक्ष माननीय श्री आमोद सिंह जी ने कार्यक्रम समिति एवं संचालन टोली को सफल आयोजन हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।इसके पश्चात सभी भाई-बंधुओं, माताओं एवं बहनों ने सामूहिक रूप से भारत माता की आरती की।
अंत में समरसता भोज का आयोजन हुआ, जिसमें कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाई-बंधुओं, माताओं एवं बहनों ने प्रसाद ग्रहण किया।
