अल्लीपुर के वृद्धाश्रम में 'मिशन शक्ति 5.0' का भव्य आयोजन: नारी सुरक्षा, सम्मान और साइबर जागरूकता पर हुआ गहन मंथन

Grand event of 'Mission Shakti 5.0' organized in the old age home of Allipur: Intensive brainstorming took place on women safety, respect and cyber awareness.
 
iuhoio
हरदोई: उत्तर प्रदेश शासन के महत्वाकांक्षी और दूरगामी अभियान 'मिशन शक्ति' के पांचवें चरण (मिशन शक्ति 5.0) के अंतर्गत, हरदोई जिले के अल्लीपुर स्थित वृद्धाश्रम में एक वृहद, ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन के मूल मंत्र को समाज के हर तबके तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम ने समाज के उस संवेदनशील वर्ग को भी मुख्यधारा के विमर्श से जोड़ा, जो अक्सर नेपथ्य में रह जाता है—हमारे वयोवृद्ध नागरिक।


यह गरिमामयी आयोजन विशेष रूप से उस वृद्धाश्रम में संपन्न हुआ, जिसका कुशल संचालन 'सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान' द्वारा किया जा रहा है। ज्ञात हो कि समाज सेवा, शिक्षा और विशेषकर बेसहारा वृद्धजनों के कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान के लिए इस संस्थान को भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा 'वयोश्रेष्ठ सम्मान' (राष्ट्रीय पुरस्कार) से अलंकृत किया जा चुका है। अल्लीपुर स्थित यह वृद्धाश्रम उत्तर प्रदेश शासन के 'समाज कल्याण विभाग' द्वारा पूरी तरह से प्रायोजित है। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि शासन और प्रशासन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति और बेसहारा वृद्धजनों के प्रति कितनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

gikg


 नारी शक्ति और स्वावलंबन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरदोई की उप जिलाधिकारी (SDM) श्रीमती अरुणिमा श्रीवास्तव ने शिरकत की। अपने सारगर्भित, ओजस्वी और ऊर्जावान उद्बोधन में एसडीएम श्रीमती अरुणिमा श्रीवास्तव ने 'मिशन शक्ति 5.0' के व्यापक उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सशक्त, सभ्य और विकसित समाज की कल्पना तब तक नहीं की जा सकती, जब तक उस समाज की महिलाएं पूरी तरह से सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर न हों।उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति और वृद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि 'मिशन शक्ति' केवल एक सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक क्रांति है। इसका उद्देश्य महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, महिला हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090- वीमेन पावर लाइन, 112- आपातकालीन सेवा, 181- महिला हेल्पलाइन, और 1076- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी जोर दिया कि वृद्ध माताओं का सम्मान करना हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और प्रशासन उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है।

साइबर अपराधों से बचाव की अनिवार्यता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं हरदोई की क्षेत्राधिकारी (CO) श्रीमती प्रभा पटेल ने वर्तमान परिदृश्य की सबसे बड़ी चुनौती—डिजिटल और साइबर अपराध पर अपना अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। वर्तमान युग में तेजी से बढ़ रहे तकनीकी अपराधों को ध्यान में रखते हुए, सीओ श्रीमती प्रभा पटेल ने श्रोताओं को साइबर ठगों के नए-नए तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आगाह किया कि आज के समय में अपराधी इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के माध्यम से किस प्रकार आम जनता, विशेषकर महिलाओं और वृद्धजनों को अपना शिकार बना रहे हैं। उन्होंने बैंक फ्रॉड, एटीएम कार्ड क्लोनिंग, अनजान नंबरों से आने वाली फर्जी कॉल, लॉटरी या इनाम का लालच देने वाले मैसेज और ओटीपी (OTP) शेयरिंग के गंभीर खतरों के प्रति लोगों को सतर्क किया।

hoho

उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि बैंक या पुलिस कभी भी फोन पर आपसे आपका पासवर्ड, पिन या ओटीपी नहीं मांगती। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। उन्होंने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उनकी इस जानकारी से वहां उपस्थित वृद्धजनों, आश्रम के कर्मचारियों और स्थानीय महिलाओं को काफी राहत और नई तकनीकी सीख मिली।


स्थानीय पुलिस का सहयोग कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कोतवाली देहात क्षेत्र की उप निरीक्षक (SI) सुश्री डोली शर्मा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से महिलाओं और वृद्धजनों को यह दृढ़ विश्वास दिलाया कि 'मिशन शक्ति' के तहत पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में व्यापक बदलाव आया है। अब थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है जहाँ महिलाएं बिना किसी संकोच के अपनी बात रख सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के अन्याय, घरेलू हिंसा या उत्पीड़न को चुपचाप न सहें, बल्कि निडर होकर पुलिस से संपर्क करें। देहात कोतवाली पुलिस उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए 24 घंटे. तत्पर है।
कुशल मंच संचालन इस पूरे गरिमामयी और विस्तृत कार्यक्रम का अत्यंत कुशल और प्रभावी संचालन सुश्री पारुल गुप्ता द्वारा किया गया। 

ioi


आभार ज्ञापन एवं समापन कार्यक्रम के अंतिम चरण में वृद्धाश्रम की प्रबंधक पूजा शर्मा ने सभी मंचासीन अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का हृदय से आभार ज्ञापित किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में उन्होंने कहा कि प्रशासन के इतने वरिष्ठ और व्यस्त अधिकारियों (SDM और CO महोदया) का अपना बहुमूल्य समय निकालकर वृद्धाश्रम में आना और 'मिशन शक्ति' एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सीधा संवाद करना, यहाँ निवासरत वृद्ध माताओं और पिताओं के लिए एक बहुत बड़ा संबल और सम्मान की बात है।


उन्होंने 'समाज कल्याण विभाग' और 'सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान' के प्रति भी अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की, जिनके निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से यह आश्रम बेसहारा वृद्धजनों के लिए मात्र एक ईंट-पत्थर का भवन न रहकर एक सुरक्षित, संस्कारवान और सुखद 'घर' बना हुआ है।इस अवसर पर वृद्धाश्रम के सभी संवासी (वृद्धजन), सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान के विभिन्न पदाधिकारी, कर्मचारीगण और स्थानीय संभ्रांत नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अत्यंत सफल, ज्ञानवर्धक और उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
 

Tags