विज्ञान नगरी में नव प्रवर्तक महोत्सव का भव्य समापन
100 से अधिक नवाचार प्रदर्शित, बच्चों के मॉडलों ने बटोरी सराहना
“नव प्रवर्तक महोत्सव का उद्देश्य विज्ञान संस्कृति को बढ़ावा देना” – स्वरूप मंडल
Wed, 11 Feb 2026
लखनऊ। आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय नव प्रवर्तक महोत्सव का पुरस्कार वितरण समारोह के साथ भव्य समापन हुआ। महोत्सव में स्कूल और कॉलेज श्रेणी के प्रतिभागियों के साथ-साथ जमीनी स्तर से जुड़े नव प्रवर्तकों ने अपने-अपने नवाचारों और मॉडलों का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर विज्ञान नगरी में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
महोत्सव के दौरान बच्चों और युवाओं के लिए ड्रोन कार्यशाला, इनोवेशन चैलेंज, एनएक्सटी रोबोटिक प्रतियोगिता जैसी कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं। साथ ही, प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के व्याख्यान भी हुए, जिनसे प्रतिभागियों और दर्शकों ने विज्ञान और अनुसंधान से जुड़ी नई जानकारियाँ प्राप्त कीं।
बच्चों के नवाचार बने आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शित नवाचारों में समाज की कई गंभीर समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए गए। सेंट जोसेफ कॉलेज के छात्रों ने “सेफ एंड सिक्योर ओवर ब्रिज फ्रॉम चाइनीस मांझा” नामक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से बताया गया कि ओवरब्रिज पर विशेष संरचना के जरिये चीनी मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है, जिससे किसी की जान जाने का खतरा नहीं रहेगा। यह मॉडल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना।
- इसके अलावा, भूकंप की सूचना 3 सेकंड के भीतर मोबाइल पर देने वाला मॉडल,
- कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए ऐसा उपकरण, जिससे कुत्ता पास आते ही दूर भाग जाए,
जैसे नवाचारों को भी खूब सराहा गया।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए जमीनी स्तर के नव प्रवर्तकों ने भी एक से बढ़कर एक उपयोगी नवाचार प्रस्तुत किए। महोत्सव में कुल 100 से अधिक मॉडल और नवाचार प्रदर्शित किए गए।
विज्ञान संस्कृति को बढ़ावा देना लक्ष्य
विज्ञान नगरी के परियोजना समन्वयक स्वरूप मंडल ने कहा कि नव प्रवर्तक महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विज्ञान संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाना और नवाचार की सोच को प्रोत्साहित करना है।
वहीं, पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान डा. वी. एस. सेठ ने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” के साथ “जय अनुसंधान” के नारे को जोड़ते हुए विज्ञान और शोध के प्रति सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
