कानपुर में 'सरस आजीविका मेला-2026' का भव्य शुभारंभ: 60 स्वयं सहायता समूहों ने पेश की महिला सशक्तीकरण की मिसाल

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने किया उद्घाटन; मोतीझील में 6 जनवरी तक सजेगा स्वदेशी उत्पादों का बाजार।
 
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने किया उद्घाटन; मोतीझील में 6 जनवरी तक सजेगा स्वदेशी उत्पादों का बाजार।
कानपुर | 05 जनवरी, 2026 उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर के मोतीझील लॉन-2 में रविवार से 'सरस आजीविका मेला-2026' की शुरुआत हुई। यह मेला न केवल हस्तशिल्प और कला का प्रदर्शन है, बल्कि उन हजारों ग्रामीण महिलाओं के सपनों को उड़ान देने का एक मंच है जो स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

स्वदेशी और संस्कृति का अनूठा संगम

मेले का उद्घाटन करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक कलाओं को सहेजने का बेहतरीन जरिया है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि आज की महिलाएं अपनी पहचान खुद बनाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ही हम 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं।

 उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित हुईं 'शक्ति स्वरूपा' महिलाएं

उद्घाटन अवसर पर बेहतरीन कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों की प्रमुख महिलाओं को सम्मानित किया गया:

  • सीमा देवी (उज्ज्वला समूह): जमदानी साड़ी और सूट निर्माण के लिए।

  • ऋतु (मां दुर्गा समूह): शुद्ध मसाला उत्पादों के लिए।

  • संगीता सिंह (आत्मनिर्भर समूह): मिलेट्स (श्री अन्न) उत्पादों के संवर्धन के लिए।

  • आकांक्षा रजिया (किरण समूह): बुटीक और गारमेंट क्षेत्र में नवाचार के लिए।

  • मीरा देवी (मानसी समूह): घरेलू सजावटी हस्तशिल्प के लिए।

 मेले की खास बातें: क्या है खास?

मेले में कानपुर नगर और मण्डल के अन्य जिलों से आए कुल 60 स्टॉल लगाए गए हैं। यहाँ सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिक खरीदारी कर सकते हैं।

  1. विविध उत्पाद: सौंदर्य प्रसाधन, पारंपरिक परिधान, लेदर उत्पाद, ऑर्गेनिक कृषि उत्पाद और घरेलू उपयोग की वस्तुएं।

  2. क्षेत्रीय पहचान: कन्नौज का इत्र, औरैया और फर्रुखाबाद के मसाले और हस्तशिल्प आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

  3. सीधा बाजार: मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के अनुसार, इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़कर बिचौलियों को खत्म करना है।

 नागरिकों से अपील

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और प्रशासनिक टीम ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में आएं। आपकी एक छोटी सी खरीदारी किसी ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और महिला उद्यमियों का हौसला बढ़ाने में बड़ा योगदान दे सकती है। मेला स्थान: मोतीझील लॉन-2, कानपुर समय: सुबह 11:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक (6 जनवरी तक)

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