एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICETEM 2025 का भव्य शुभारंभ
लखनऊ स्थित एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में आज से दो दिवसीय “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इमर्जिंग ट्रेंड्स इन इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (ICETEM 2025)” की शुरुआत हुई। यह सम्मेलन 19–20 सितंबर तक चलेगा और इसमें देश-विदेश के नामी शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी शिरकत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग, तकनीक और प्रबंधन क्षेत्र के भविष्य को लेकर विचार-विमर्श करना है।
मुख्य अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ के कुलपति प्रो. जय प्रकाश पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने “विकसित भारत” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल शोध पत्र और पेटेंट ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनका व्यावसायीकरण (Commercialisation) आवश्यक है, ताकि अनुसंधान का लाभ सीधे समाज और उद्योग तक पहुँच सके।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
सम्मेलन में लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (LMRC) के महाप्रबंधक श्री निरदोष गुप्ता और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री योगेश मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों ने शहरी विकास, अधोसंरचना निर्माण और सुशासन में तकनीक एवं शोध की अहमियत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने शोध को व्यावहारिक और सामाजिक आवश्यकताओं से जोड़ें।
संस्थान का दृष्टिकोण
एस.आर.जी.आई. के उपाध्यक्ष श्री पियूष सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि शोध और नवाचार न केवल ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाते हैं और उन्हें वैश्विक सहयोग की दिशा में अग्रसर करते हैं।
सम्मेलन की प्रमुख झलकियाँ
उद्घाटन सत्र में देशभर के आईआईटी, आईआईएम और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के 15 से अधिक ख्यातिप्राप्त वक्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत समारोह से हुई, जिसके बाद तकनीकी सत्र और शोध-पत्र प्रस्तुतिकरण प्रारंभ हुए।
आयोजन समिति को बधाई
सम्मेलन की सफलता पर मुख्य संरक्षक श्री पवन सिंह चौहान, संरक्षक श्री पियूष सिंह चौहान एवं सह-संरक्षक श्रीमती सुष्मिता सिंह चौहान ने आयोजन समिति को शुभकामनाएँ दीं और प्रतिभागियों को अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित किया।
