ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति की बड़ी सफलता: विकास नगर-टेढ़ी पुलिया रोड पर पीडब्ल्यूडी लगाएगा स्ट्रीट लाइट
लखनऊ। राजधानी के विकास नगर से टेढ़ी पुलिया मार्ग पर सफर करने वाले नागरिकों के लिए एक राहत भरी खबर है। 'ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति' की सक्रिय पहल और लगातार की गई पैरवी के बाद अब लोक निर्माण विभाग (PWD) इस मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए तैयार हो गया है। इसके तहत वर्तमान में निर्माणाधीन डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट के खंभों (पोल) और अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए विशेष रूप से जगह छोड़ी जा रही है।
क्या थी समस्या और महासमिति का प्रयास?
कुर्सी रोड पर विकास नगर मोड़ से लेकर टेढ़ी पुलिया के बीच पीडब्ल्यूडी द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से एक भव्य डिवाइडर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से, इस योजना में सड़क पर रोशनी (स्ट्रीट लाइट) के खंभे लगाने का कोई प्रावधान शामिल नहीं था, जिससे भविष्य में रात के समय दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा बना रहता।
इस गंभीर जनसमस्या को देखते हुए ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने मोर्चा संभाला:
-
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत: महासमिति के महासचिव विवेक शर्मा ने 4 जून 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत (संख्या: 40015726069446) दर्ज कराकर माननीय मुख्यमंत्री जी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
-
अधिकारियों को पत्र: इसी दिन (4 जून) महासमिति द्वारा लोक निर्माण विभाग (PWD), मंडलायुक्त (कमिश्नर) और जिलाधिकारी (DM) लखनऊ को लिखित पत्र भेजकर डिवाइडर के बीचों-बीच स्ट्रीट लाइट पोल लगाने की समुचित व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की गई थी।
जनहित में त्वरित कार्रवाई, महासमिति ने जताया आभार
महासमिति के इस पत्र और शिकायत का जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया। विभाग ने अपनी कार्ययोजना में सुधार करते हुए निर्माणाधीन डिवाइडर पर लाइटों के लिए स्थान छोड़ना शुरू कर दिया है। इस त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई के लिए महासमिति के महासचिव विवेक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (XEN) और उनकी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
दुर्घटनाएं रोकने के लिए अध्यक्ष ने की अस्थायी व्यवस्था की मांग
इस बीच, ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने प्रशासन के समक्ष एक और महत्वपूर्ण व्यावहारिक मांग रखी है। उन्होंने कहा जब तक निर्माणाधीन डिवाइडर पर स्थायी रूप से स्ट्रीट लाइटें चालू नहीं हो जातीं, तब तक रात के अंधेरे में होने वाले हादसों को रोकने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। इसके लिए पूरे डिवाइडर मार्ग पर रिफ्लेक्टर (रेडियम पट्टी) लगाए जाएं और पर्याप्त संख्या में अस्थायी चेतावनी बोर्ड (कौशन बोर्ड) स्थापित किए जाएं, ताकि वाहन चालकों को सुरक्षा मिल सके।
