गुजरात में पहली टेली-रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी सफल, गुरुग्राम से सर्जन ने अहमदाबाद में किया ऑपरेशन
इस टेली-रोबोटिक सर्जरी का नेतृत्व शैल्बी हॉस्पिटल्स के कंसल्टेंट लैप्रोस्कोपिक, रोबोटिक, बैरिएट्रिक एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. पराग पटेल ने किया। उन्होंने गुरुग्राम स्थित एसएस इनोवेशन सेंटर से रोबोटिक सिस्टम को नियंत्रित करते हुए अहमदाबाद के एसजी हाईवे स्थित शैल्बी हॉस्पिटल में मरीज की सर्जरी की। अहमदाबाद में मौजूद बेडसाइड मेडिकल टीम का नेतृत्व कंसल्टेंट रोबोटिक एवं लैप्रोस्कोपिक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, बैरिएट्रिक एवं मेटाबोलिक सर्जन डॉ. सौरभ दामानी ने किया
इस पूरी प्रक्रिया में डॉ. मोहसिना सैय्यद, हार्दिक मैकवान और हार्दिक आचार्य के साथ एनेस्थीसिया, नर्सिंग, ऑपरेशन थिएटर और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूर बैठे सर्जन और अस्पताल में मौजूद क्लिनिकल टीम के बीच बेहतर समन्वय के चलते जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
शैल्बी हॉस्पिटल्स, अहमदाबाद के क्लस्टर सीओओ परिमल पटेल ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल समूह की आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को मरीजों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गुजरात में पहली टेली-रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी यह साबित करती है कि अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से भौगोलिक दूरी की बाधा को कम किया जा सकता है और विशेषज्ञ सर्जिकल सेवाएं उन मरीजों तक भी पहुंचाई जा सकती हैं, जिन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए दूर की यात्रा करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में टेली-रोबोटिक्स विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे शैल्बी हॉस्पिटल्स के नेटवर्क से जुड़े अधिक मरीजों को उन्नत रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी।
इस प्रक्रिया में भारत में विकसित नवीनतम रोबोटिक सर्जिकल प्लेटफॉर्म ‘एसएसआई मंत्रा 3’ का इस्तेमाल किया गया। टेली-रोबोटिक तकनीक के जरिए विशेषज्ञ सर्जन दूरस्थ स्थान से रोबोटिक सिस्टम को नियंत्रित कर जटिल प्रक्रियाओं में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे मरीज को विशेषज्ञ सर्जरी के लिए दूसरे शहर की यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सकती है।
मरीज के शरीर का अतिरिक्त वजन उसकी दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा था और यहां तक कि सीढ़ियां चढ़ना भी उसके लिए मुश्किल हो गया था। बैरिएट्रिक सर्जरी के जरिए लंबे समय तक वजन कम करने के साथ मोटापे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और मेटाबोलिक स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा मरीज में मौजूद ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और ग्रेड-2 फैटी लिवर जैसी संबंधित जटिलताओं में भी सुधार की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटिक-असिस्टेड बैरिएट्रिक सर्जरी में पारंपरिक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की तुलना में कई तकनीकी लाभ मिलते हैं। रोबोटिक प्लेटफॉर्म सर्जन को हाई-डेफिनिशन 3डी विजन, बेहतर नियंत्रण और अधिक सटीकता के साथ काम करने में मदद करता है। गंभीर मोटापे वाले मरीजों में यह तकनीक सर्जिकल प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित और सटीक बनाने में उपयोगी हो सकती है।
रोबोटिक तकनीक के माध्यम से ऊतकों को कम नुकसान पहुंचाने, ऑपरेशन के बाद होने वाले दर्द को कम करने, रिकवरी को तेज करने और उपचार के बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद मिल सकती है। गुजरात में हुई यह पहली टेली-रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी देश में दूरस्थ विशेषज्ञ सर्जिकल सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
