विश्व पटल पर गूँजे गुरु रविदास के विचार: विभिन्न देशों में धूमधाम से मनाया गया 'खुशी टीवी' का स्थापना दिवस

Guru Ravidas's Teachings Resound on the Global Stage: 'Khushi TV' Foundation Day Celebrated with Great Fervor Across Various Countries
 
iopi
नई दिल्ली: मानवतावादी संदेशों और सामाजिक एकता के अग्रदूत श्री गुरु रविदास जी के विचारों को समर्पित 'खुशी टीवी' ने अपने गौरवशाली सफर का एक और पड़ाव पार कर लिया है। 11 अप्रैल को संस्थान का स्थापना दिवस भारत सहित विश्व के कई विकसित देशों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इटली से हुई थी इस डिजिटल क्रांति की शुरुआत

'खुशी टीवी' की स्थापना 11 अप्रैल 2013 को मूल रूप से पंजाब के निवासी और वर्तमान में इटली में रह रहे डॉ. खुशीराम सुमन द्वारा की गई थी। पिछले 13 वर्षों से यह संस्थान यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है।

देश-दुनिया में आयोजनों की धूम

स्थापना दिवस के अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया:

  • भारत में: दिल्ली में राजेंद्र कुमार, उत्तराखंड (हरिद्वार) में नेत्रपाल सिंह अठवाल, झारखंड (रांची) में बहन रेनू, उत्तर प्रदेश (बुलंदशहर) में अजय कुमार हितकारी और हरियाणा (करनाल) में डॉ. सुनील दास के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों ने इस दिवस को उत्सव के रूप में मनाया।

  • वैश्विक स्तर पर: इटली में मुख्य संचालक डॉ. खुशीराम सुमन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इसके अलावा कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और अफ्रीका में रह रहे रविदासिया समाज के लोगों ने भी कीर्तन, भजन और विचार गोष्ठियों के माध्यम से खुशी टीवी के प्रयासों को सराहा।

'बेगमपुरा' की परिकल्पना को मिल रहा विस्तार

खुशी टीवी का मुख्य उद्देश्य गुरु रविदास जी के उन क्रांतिकारी विचारों का प्रचार करना है, जिसमें उन्होंने ढोंग, आडंबर, छुआछूत और जाति-पाति का पुरजोर विरोध किया था। चैनल के माध्यम से उनके 'बेगमपुरा' (एक ऐसा शहर जहाँ कोई दुख या चिंता न हो) के संदेश और शांतिपूर्ण मानवतावादी दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर प्रसारित किया जा रहा है।

मानवता के प्रति समर्पण

संस्थान के सदस्यों का कहना है कि खुशी टीवी केवल एक मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक मिशन है जो समाज में समानता और बंधुत्व की भावना को मजबूत कर रहा है। स्थापना दिवस पर सभी वक्ताओं ने डॉ. खुशीराम सुमन के प्रयासों की सराहना करते हुए गुरु रविदास जी के विचारों पर चलने का संकल्प लिया।

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