हरदोई: डॉ. राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय में वृहद वृक्षारोपण अभियान; परिसर को 'ग्रीन कैंपस' बनाने का लिया संकल्प
वृक्ष संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार हैं: प्रो. गीतांजलि मिश्रा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लखनऊ विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. गीतांजलि मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने प्रकृति और जैव विविधता (Biodiversity) के अंतर्संबंधों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाते हुए कहा:
विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. आशीष कुमार ने जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खतरों से युवाओं को आगाह किया। उन्होंने अपील की कि विदेशी पौधों के बजाय हमें अपनी मिट्टी के अनुकूल स्थानीय प्रजातियों के पौधे अधिक से अधिक लगाने चाहिए, क्योंकि वे स्थानीय पर्यावरण और पक्षियों के अनुकूल होते हैं।
शिक्षा के साथ जिम्मेदार नागरिक बनें युवा, बनेगा 'ग्रीन कैंपस'
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. रवि शंकर वर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी शिक्षा का एक मुख्य अंग है। वहीं, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस. त्रिवेदी ने इस सफल आयोजन के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की इकाई की पीठ थपथपाई। उन्होंने घोषणा की कि महाविद्यालय प्रशासन पूरे परिसर को एक आदर्श 'ग्रीन कैंपस' (Green Campus) के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह से संकल्पबद्ध है।
औषधीय और छायादार पौधों से महका परिसर, प्रभारियों ने संभाली कमान
इस व्यापक हरियाली अभियान की परिकल्पना और इसका कुशल क्रियान्वयन एनएसएस व वृक्षारोपण कार्यक्रम की समन्वयक समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस समिति में डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. रश्मि द्विवेदी, आनंद विशारद, पारुल गुप्ता, अवंतिका अस्थाना और संजीव अस्थाना शामिल रहे।
इन सभी प्रभारियों के कुशल मार्गदर्शन में महाविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों औषधीय और छायादार पौधे रोपे गए। इनमें मुख्य रूप से:
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नीम, पीपल और बरगद
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अशोक, आंवला और अमरूद
इस पुनीत कार्य में कॉलेज के सभी संकाय सदस्यों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया और स्वयं पौधे लगाकर विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया।
पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण की ली शपथ
समारोह के अंतिम चरण में विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों का जोश देखने लायक था। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की एक गंभीर शपथ दिलाई गई। सभी ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि वे केवल पौधा लगाकर अपनी जिम्मेदारी खत्म नहीं करेंगे, बल्कि उनके वृक्ष बनने तक उनकी पूरी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। अंत में समन्वय समिति द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।




