Hardoi News: पिहानी में धनुर्धर अनिल शुक्ला का हैरतअंगेज प्रदर्शन, आंखों पर पट्टी बांधकर चलाया अचूक शब्द भेदी बाण
🎯 धनुर्विद्या की 3 अत्यंत कठिन विधाओं का सफल प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान धनुर्धर अनिल शुक्ला ने प्राचीन युद्ध कौशल को जीवंत करते हुए तीन अत्यंत दुर्लभ और कठिन विधाओं का प्रदर्शन किया:
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शब्द भेदी बाण: केवल आवाज की दिशा सुनकर एकदम सटीक निशाना साधा।
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स्पर्श भेदी बाण: केवल स्पर्श के अहसास से वस्तु की स्थिति का अंदाजा लगाकर उसे तीर से बींध दिया।
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मन व्यापक बाण: पूर्ण मानसिक एकाग्रता, ध्यान और संकल्प बल के जरिए लक्ष्य पर अचूक प्रहार किया।
💬 "सच्ची साधना से हर लक्ष्य को पाना संभव"
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अनिल शुक्ला ने कहा कि हमारे सनातन मंत्रों और प्राचीन विद्याओं में आज भी अपार शक्ति और ऊर्जा समाहित है। उन्होंने कहा किसी भी कठिन विद्या या लक्ष्य को हासिल करने के लिए निष्ठा और सच्ची साधना की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति दृढ़ संकल्प के साथ साधना के मार्ग पर अग्रसर रहता है, वह जीवन की हर चुनौती को आसानी से पार कर लेता है।"
👥 पूर्व जिलाधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार रहे उपस्थित
इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
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अवधेश कुमार सिंह राठौर (पूर्व जिलाधिकारी, हरदोई)
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अतुल कपूर (प्रमुख ट्रस्टी - गायत्री प्रज्ञापीठ, वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष/प्रदेश अध्यक्ष - ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, कर्नाटक)
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संजीव श्रीवास्तव (संस्थापक - राष्ट्रीय प्रस्तावना)
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हरिनाथ (संपादक - राष्ट्रीय प्रस्तावना)
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वरिष्ठ पत्रकार: संजय सिंह, नवनीत कुमार राम जी, दीपक गुप्ता
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अन्य प्रमुख अतिथि: भरत पांडे, कोतवाल श्याम नारायण सिंह, राम महेश मिश्र और कवि अरुणेश मिश्र।
सम्मान एवं समापन: कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों और गणमान्य नागरिकों ने भारत की इस प्राचीन और लगभग लुप्त हो रही धनुर्विद्या कला को जीवित रखने के लिए धनुर्धर अनिल शुक्ला का विशेष अभिनंदन और सम्मान किया।

