Hardoi News: दलित अधिकार और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस को मजबूत करना जरूरी' – सुरेन्द्र कुमार
Constitution and Dalit Rights Conference Hardoi: हरदोई जिले के सांडी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम महुरा तिराहा पर कांग्रेस पार्टी द्वारा 'दलित अधिकार और संविधान सम्मेलन' का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए बालामऊ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी और कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जाति विभाग उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव सुरेन्द्र कुमार ने दलित समाज और भारतीय संविधान की रक्षा को लेकर हुंकार भरी।
सुरेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में दलित अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए सरकार को संविधान विरोधी करार दिया।
बाबा साहब के संविधान ने दिया आत्मसम्मान: सुरेन्द्र कुमार
पूर्व प्रत्याशी सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान ने ऐतिहासिक रूप से शोषित और वंचित दलित समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। संविधान ने ही समाज को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और कानूनी अधिकार देकर उनके आत्मसम्मान को सुरक्षित किया है। उन्होंने समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित दलित अधिकारों (अनुसूचित जाति) से जुड़े प्रमुख संवैधानिक प्रावधानों को रेखांकित किया

1. मौलिक और सामाजिक अधिकार
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समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18): कानून की नजर में देश का हर नागरिक समान है। अनुच्छेद 15 स्पष्ट रूप से जाति, धर्म, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव पर रोक लगाता है।
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अस्पृश्यता का अंत (अनुच्छेद 17): इसके तहत छुआछूत को एक गंभीर और दंडनीय अपराध घोषित किया गया है, जो दलित समाज के मानवाधिकारों की रक्षा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है।
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विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 15(4)): यह राज्य को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (जिसमें दलित समाज शामिल हैं) के कल्याण और उत्थान के लिए विशेष नियम बनाने की शक्ति देता है।
2. शैक्षणिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व
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शिक्षण संस्थानों में आरक्षण: सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में ही पिछड़े और दलित समाज के बच्चों के लिए शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु आरक्षण की ठोस व्यवस्था की गई थी।
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राजनीतिक भागीदारी (अनुच्छेद 330 और 332): लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आरक्षित की गई हैं, ताकि सत्ता और नीति-निर्माण में उनकी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
3. आर्थिक अधिकार और सुरक्षा कानून
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रोजगार में समानता (अनुच्छेद 16): सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता और आरक्षण (अनुच्छेद 16(4)) का प्रावधान किया गया है, ताकि दलित समाज आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
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अत्याचार निवारण अधिनियम: दलितों के खिलाफ होने वाले शोषण और उत्पीड़न को रोकने के लिए कांग्रेस सरकार के दौरान ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act) लागू किया गया था, जो उन्हें हर प्रकार के शारीरिक व मानसिक शोषण से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।
सम्मेलन में कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
इस सम्मेलन को कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जाति विभाग उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने भी संबोधित किया और कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जाति विभाग हरदोई के जिला अध्यक्ष विनीत वर्मा, देवेन्द्र कुमार सिंह, रामकुमार, नरेंद्र सिंह, गुड्डू कश्यप, शेषराम, रामलोटन वर्मा, रंजीत कुमार गौतम, सुरेश कुमार, अरविन्द कुमार, राजाराम सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय पदाधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
