हरदोई: बालामऊ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य स्वागत, राम मंदिर और गौ-रक्षा पर दिए बड़े बयान
सरकार का काम देश चलाना है, मंदिर चलाना नहीं"
शंकराचार्य के स्वागत के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार ने केंद्र सरकार की नीतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का मुख्य दायित्व राष्ट्र का कुशल संचालन करना है, न कि धार्मिक स्थलों और मंदिरों की व्यवस्था देखना।
सुरेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा धार्मिक स्थलों और मंदिरों के प्रबंधन का काम पूरी तरह से संत समाज और धार्मिक संस्थाओं को सौंप दिया जाना चाहिए। राजनीति को धर्म के रोजमर्रा के कार्यों से दूर रहना चाहिए।"
उन्होंने शंकराचार्य द्वारा चलाई जा रही देशव्यापी यात्रा की सराहना करते हुए जनता से अपील की कि वे गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की इस मुहिम पर गंभीरता से विचार करें।
81 दिवसीय गौ-रक्षा यात्रा और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखे बोल
अपनी 81 दिनों की राष्ट्रव्यापी गौ-रक्षा यात्रा के दौरान बालामऊ पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर कई महत्वपूर्ण एवं तीखे बयान दिए।
-
गौ-माता को संवैधानिक सम्मान: शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि उनकी इस लंबी यात्रा का मुख्य उद्देश्य गायों के संरक्षण, उनके संवर्धन और उन्हें देश में संवैधानिक व कानूनी रूप से सम्मान दिलाना है। इसके लिए वे लगातार जन-जागरण अभियान चला रहे हैं।
-
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर टिप्पणी: अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण पर बोलते हुए शंकराचार्य ने जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जो लोग चोरी के घेरे में हैं, वही इस मामले की जांच भी कर रहे हैं। ऐसे में असली गुनहगारों तक जांच के पहुंचने की उम्मीद बहुत कम है।" उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साह
इस भव्य स्वागत समारोह के दौरान क्षेत्र के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से देवेंद्र कुमार गौतम, शेष राम, रामलोटन वर्मा, रंजीत कुमार गौतम और सुरेश कुमार गौतम सहित हजारों की संख्या में पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
