शिक्षक और पर्यावरण प्रेमी हरिश्चंद्र सिंह ने मां के नाम पर रोपा पौधा, विद्यार्थियों को दिया हर घर पेड़ लगाने का संदेश

Teacher and environmental enthusiast Harishchandra Singh planted a sapling in his mother's name and urged students to plant a tree at every home.
 
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बख्शी का तालाब (लखनऊ), 08 जून 2026:

अध्यापन कार्य के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने वाले बख्शी का तालाब इण्टर कॉलेज के विज्ञान अध्यापक हरिश्चंद्र सिंह चौहान ने इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल की है। वर्तमान में जनगणना (भवन गणना) सेवा कार्य में सुपरवाइजर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हरिश्चंद्र सिंह ने शिक्षक के साथ-साथ एक सच्चे पर्यावरण प्रेमी की भूमिका निभाते हुए समाज को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।

प्रबंधन सहायक को भेंट किया पौधा, मां की स्मृति में किया रोपण

पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर हरिश्चंद्र सिंह चौहान ने सबसे पहले विद्यालय के प्रबंधन सहायक को एक हरा-भरा पौधा भेंट कर इस मुहिम की शुरुआत की। इसके पश्चात, उन्होंने अपनी पूजनीय माता जी के नाम पर विद्यालय परिसर में अपनी कक्षा 10 के समीप एक फलदार पौधे का पूरे विधि-विधान से रोपण किया।

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भावुक और पवित्र संदेश: भारतीय संस्कृति में अपनी मां और धरती मां, दोनों का स्थान सर्वोच्च है। शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह द्वारा विद्यालय में अपनी कक्षा के पास मां के नाम पर फलदार पौधा लगाना यह संदेश देता है कि पौधों की देखभाल भी हमें संतान की तरह और उनका आदर मां की तरह करना चाहिए। यह फलदार वृक्ष आने वाले समय में विद्यालय के बच्चों को छांव और फल दोनों प्रदान करेगा।

स्कूली बच्चों को दी 'हर घर एक पेड़' लगाने की प्रेरणा

पौधरोपण करने के साथ ही विज्ञान शिक्षक ने कक्षा 10 और विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पर्यावरण संतुलन का महत्व समझाया और उन्हें प्रेरित किया कि वे सभी इस मानसून सीजन में अपने-अपने घरों में या उसके आस-पास कम से कम एक फलदार या छायादार पेड़ अवश्य रोपित करें और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लें।

विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने हरिश्चंद्र सिंह चौहान की इस अनूठी पहल की सराहना की। शिक्षक द्वारा स्वयं आगे बढ़कर किए गए इस कार्य ने बच्चों के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया है।

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