Hastinapur Ke Veer Sony SAB Show : ऑन-स्क्रीन भले ही बैर हो, ऑफ-स्क्रीन सगे भाइयों जैसा है कौरव-पांडवों का प्यार; ब्रदर्स डे पर युवा कलाकारों ने खोले राज
Hastinapur Ke Veer Sony SAB Show: टेलीविजन की दुनिया में अपने अनूठे और पारिवारिक शोज के लिए मशहूर चैनल 'सोनी सब' (Sony SAB) जल्द ही एक नया पौराणिक धारावाहिक “हस्तिनापुर के वीर” लेकर आ रहा है। आगामी 2 जून 2026 से हर सोमवार से शनिवार रात 9:00 बजे प्रसारित होने वाला यह शो दर्शकों को कौरवों और पांडवों के बाल्यकाल व युवावस्था के उन शुरुआती सफर में ले जाएगा, जहाँ उनके रिश्तों, आपसी कूटनीति, बाल-प्रतिद्वंद्विता और उस भाईचारे को दिखाया जाएगा जिसने आगे चलकर इतिहास की रूपरेखा बदल दी।
हाल ही में बीते 'नेशनल ब्रदर्स डे' (24 मई) के विशेष अवसर पर सेट से एक बेहद खूबसूरत बात सामने आई है। शो की कहानी में भले ही इन किरदारों के बीच गहरी प्रतिद्वंद्विता दिखाई देगी, लेकिन पर्दे के पीछे (ऑफ-स्क्रीन) इन बाल कलाकारों का भाईचारा और दोस्ती किसी सगे परिवार से कम नहीं है।
जानिए कौन निभा रहा है किसका किरदार?
इस पौराणिक शो में हस्तिनापुर के राजकुमारों के रूप में कई प्रतिभावान युवा कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं:
पांडव सेना
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अथर खान — युधिष्ठिर (धर्मराज के बाल रूप में)
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सुभाष — महाबली भीम
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उर्वा सावल्या — धनुर्धर अर्जुन
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हरित गबानी — नकुल
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मयंक यादव — सहदेव
कौरव सेना
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आयुध भानुशाली — जेष्ठ कौरव दुर्योधन
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शौर्य उपाध्याय — दुशासन
रिहर्सल से लेकर लंच बॉक्स तक, रील लाइफ से रियल लाइफ का खूबसूरत बॉन्ड
सेट से जुड़े सूत्रों और खुद कलाकारों के अनुसार, शूटिंग के लंबे और थकाऊ शेड्यूल के बीच इन बच्चों ने आपस में एक अटूट रिश्ता कायम कर लिया है। भारी-भरकम संवादों की रिहर्सल करने से लेकर एक्शन सीक्वेंस की प्रैक्टिस करने, शूटिंग के बीच एक-दूसरे का टिफिन शेयर करने और खाली समय में शरारतें करने तक— इन बाल कलाकारों की टोली सेट पर बिल्कुल एक सगे परिवार की तरह रहती है।
युवा कलाकारों ने साझा किए अपने दिल के जज्बात:
अक्षन सीक्वेंस में हम एक-दूसरे की ढाल बनते हैं— उर्वा सावल्या (अर्जुन)
शूटिंग के दौरान मेरा सबसे पसंदीदा वक्त वही होता है जब हम सब कैमरे के पीछे एक साथ बैठते हैं। हम सीन को परफेक्ट करने के लिए आपस में खूब प्रैक्टिस करते हैं, खासकर एक्शन दृश्यों (Action Sequences) में हम एक-दूसरे का पूरा ख्याल रखते हैं। कई बार तो हमें अहसास ही नहीं होता कि हम अभिनय कर रहे हैं, क्योंकि हमारा आपसी तालमेल बिल्कुल असली भाइयों जैसा हो चुका है। इस शो ने हमें टीमवर्क और सच्ची दोस्ती का असल मतलब सिखाया है।"
डायलॉग्स याद करने से लेकर गंभीर सीन तक, हम साथ हैं— अथर खान (युधिष्ठिर)
पर्दे पर भाइयों का किरदार निभाना मेरे लिए एक अद्भुत अनुभव है, क्योंकि असल जिंदगी में भी हम सब एक-दूसरे के बेहद करीब आ चुके हैं। हर दिन घंटों साथ बिताने की वजह से हम एक बड़े जॉइंट फैमिली की तरह हो गए हैं। शॉट्स के बीच में हम खूब मजाक करते हैं, मोबाइल और इन-डोर गेम्स खेलते हैं और एक-दूसरे को कठिन संवाद (डायलॉग्स) याद कराने में मदद करते हैं।"
ऑफ-स्क्रीन दोस्ती से ऑन-स्क्रीन भाईचारा दिखता है नैचुरल — सुभाष (भीम)
सेट पर जब भी कोई साथी कलाकार थका हुआ महसूस करता है या किसी मुश्किल सीन से पहले नर्वस होता है, तो हम सब पांडव और कौरव मिलकर उसका हौसला बढ़ाते हैं। हम साथ में रिहर्सल करते हैं, साथ ही खाना खाते हैं और खाली समय में गेमिंग कॉम्पिटिशन भी करते हैं। हमारी यही ऑफ-स्क्रीन पक्की दोस्ती पर्दे पर हमारे भाईचारे को बेहद स्वाभाविक और जीवंत बनाती है।"
"कहानी में भले ही दूरियां हों, असल में हम एक गैंग हैं" — आयुध भानुशाली (दुर्योधन)
हालांकि, इतिहास और कहानी के मुताबिक दुर्योधन और पांडवों के बीच मतभेद हैं और वे स्क्रीन पर हमेशा साथ नहीं दिखते, लेकिन कैमरे के पीछे हमारी बॉन्डिंग सबसे जुदा है। हम ज्यादातर समय एक साथ ही बिताते हैं। हम सीन के बीच भी एक फ्रेंडली कॉम्पिटिशन रखते हैं जो हमारी परफॉर्मेंस को सुधारता है। सच कहूं तो यह लड़कों का एक ऐसा मजेदार ग्रुप है, जो शूटिंग के कड़े माहौल को भी बेहद रोमांचक और खुशनुमा बना देता है।"
सोनी सब के 'हस्तिनापुर के वीर' के इन नन्हे योद्धाओं ने साबित कर दिया है कि कला और अभिनय केवल स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे असल जिंदगी में भी खूबसूरत रिश्तों की नींव रख सकते हैं। अब देखना होगा कि ऑफ-स्क्रीन की यह बेजोड़ केमिस्ट्री 2 जून से टीवी स्क्रीन्स पर क्या कमाल दिखाती है।
