मुख्यालय यूपी-112 : सुरक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी

UP-112 Headquarters: Security along with employment opportunities.
 
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को यूपी-112 की कार्यप्रणाली, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सरकारी नियम-कानून तथा आपातकालीन सेवाओं की भूमिका से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान डीजी पुलिस श्रीमती नीरा रावत ने किशोरियों से संवाद किया, उनके प्रश्न सुने और विस्तार से उत्तर दिए। उन्होंने युवतियों को आगे बढ़कर नौकरी करने अथवा स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा— “उत्तर प्रदेश पुलिस आपके साथ है। आप आगे बढ़िए, आत्मनिर्भर बनिए, आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी 112 पर छोड़ दीजिए। हम 24 घंटे आपके लिए तत्पर हैं।”  मुख्यालय यूपी-112 के डीआईजी पुलिस श्री शाहाब रशीद खान ने अपने संबोधन में कहा कि यूपी-112 केवल सुरक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यहां महिलाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि कॉल हैंडलिंग जैसे कार्यों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि एक महिला की आवाज़ से पीड़ित को जो सहानुभूति और भरोसा मिलता है, वह किसी भी पुरुष की आवाज़ से संभव नहीं हो पाता।  इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री निवेश कटियार ने किशोरियों को सीएडी (CAD) एप्लीकेशन के उपयोग, उसकी उपयोगिता और आपात स्थितियों में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  परिवर्तन कार्यक्रम की परियोजना समन्वयक सुश्री सुकृति मिश्रा ने बताया कि विज्ञान फाउंडेशन विगत 37 वर्षों से लखनऊ एवं आसपास के क्षेत्रों में शहरी गरीबों के अधिकारों के लिए कार्य कर रही है। संस्था सरकार के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर रही है, जबकि परिवर्तन कार्यक्रम संस्था का पहला ऐसा प्रयास है, जो सीधे तौर पर युवतियों को रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित है।  भ्रमण के अंत में सभी किशोरियों को प्रज्ञा कक्ष में ले जाया गया, जहाँ प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उन्हें यूपी-112 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और सेवा प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। इस जागरूकता भ्रमण में जानकीपुरम एवं मड़ियांव क्षेत्र की कुल 30 किशोरियों/युवतियों ने सहभागिता की।
लखनऊ।  विज्ञान फाउंडेशन द्वारा एम्पावर–द इमर्जिंग मार्केट्स फाउंडेशन के सहयोग से संचालित परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत जानकीपुरम एवं मड़ियांव क्षेत्र की 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों/युवतियों का मुख्यालय यूपी-112 में जानकारी एवं जागरूकता हेतु भ्रमण कराया गया।

इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को यूपी-112 की कार्यप्रणाली, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सरकारी नियम-कानून तथा आपातकालीन सेवाओं की भूमिका से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान डीजी पुलिस श्रीमती नीरा रावत ने किशोरियों से संवाद किया, उनके प्रश्न सुने और विस्तार से उत्तर दिए। उन्होंने युवतियों को आगे बढ़कर नौकरी करने अथवा स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा उत्तर प्रदेश पुलिस आपके साथ है। आप आगे बढ़िए, आत्मनिर्भर बनिए, आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी 112 पर छोड़ दीजिए। हम 24 घंटे आपके लिए तत्पर हैं।”

मुख्यालय यूपी-112 के डीआईजी पुलिस श्री शाहाब रशीद खान ने अपने संबोधन में कहा कि यूपी-112 केवल सुरक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यहां महिलाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि कॉल हैंडलिंग जैसे कार्यों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि एक महिला की आवाज़ से पीड़ित को जो सहानुभूति और भरोसा मिलता है, वह किसी भी पुरुष की आवाज़ से संभव नहीं हो पाता।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री निवेश कटियार ने किशोरियों को सीएडी (CAD) एप्लीकेशन के उपयोग, उसकी उपयोगिता और आपात स्थितियों में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

परिवर्तन कार्यक्रम की परियोजना समन्वयक सुश्री सुकृति मिश्रा ने बताया कि विज्ञान फाउंडेशन विगत 37 वर्षों से लखनऊ एवं आसपास के क्षेत्रों में शहरी गरीबों के अधिकारों के लिए कार्य कर रही है। संस्था सरकार के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर रही है, जबकि परिवर्तन कार्यक्रम संस्था का पहला ऐसा प्रयास है, जो सीधे तौर पर युवतियों को रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित है।

भ्रमण के अंत में सभी किशोरियों को प्रज्ञा कक्ष में ले जाया गया, जहाँ प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उन्हें यूपी-112 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और सेवा प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस जागरूकता भ्रमण में जानकीपुरम एवं मड़ियांव क्षेत्र की कुल 30 किशोरियों/युवतियों ने सहभागिता की।

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