ऊर्जा से उपचार: लखनऊ में दो दिवसीय 'प्राणिक हीलिंग' कोर्स संपन्न, बिना दवा और स्पर्श के इलाज की सिखाई बारीकियां
बिना स्पर्श और बिना दवा के उपचार
सेंटर के संचालक और वरिष्ठ प्राणिक हीलर सर्व मित्र भट्ट द्वारा आयोजित इस कोर्स का संचालन प्रशिक्षक अभय जौहरी ने किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे बिना किसी दवा के और मरीज को छुए बिना, उसके शरीर के प्रभावित हिस्से की नकारात्मक या 'गंदी ऊर्जा' को साफ किया जा सकता है। उन्होंने सिखाया कि स्वच्छ ऊर्जा के संचार से मरीज को शारीरिक और मानसिक विकारों से तत्काल राहत दिलाई जा सकती है।
11 मुख्य चक्रों और श्वसन क्रिया पर जोर
कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु शरीर के 11 ऊर्जा चक्रों (Energy Chakras) का संतुलन रहा। प्रशिक्षक ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की:
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चक्र एक्टिवेशन: हृदय चक्र (Heart Chakra) और क्राउन चक्र (Crown Chakra) को सक्रिय करने की तकनीक।
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प्राणायाम और स्वांस: सही तरीके से सांस लेने की विधि, जिससे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाया जा सके।
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ऊर्जित करने की विधियां: चक्रों को हील करने और उन्हें दोबारा ऊर्जावान बनाने के वैज्ञानिक तरीके।
स्वयं और दूसरों का उपचार
सहभागियों को न केवल स्वयं को संतुलित रखने के गुर सिखाए गए, बल्कि व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से यह भी बताया गया कि वे दूसरों के स्वास्थ्य सुधार में किस प्रकार सहयोगी बन सकते हैं। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उनका मानना था कि आज के तनावपूर्ण जीवन में ऐसी हीलिंग पद्धतियां मानसिक शांति और शारीरिक आरोग्य के लिए अनिवार्य हैं।
