स्वास्थ्य क्रांति: सरस्वती डेंटल कॉलेज का 'टोबैको सेसेशन सेंटर' बना मिसाल, 21,000 से अधिक लोगों ने छोड़ी तंबाकू की लत

Health Revolution: Saraswati Dental College's 'Tobacco Cessation Center' Sets a Benchmark; Over 21,000 People Quit Tobacco Addiction.
 
jji

लखनऊ, मई 2026: तंबाकू नियंत्रण और नशा मुक्ति के क्षेत्र में लखनऊ के प्रतिष्ठित सरस्वती डेंटल कॉलेज और अस्पताल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के विशेष “टोबैको सेसेशन सेंटर (TCC)” के माध्यम से अब तक 21,000 से अधिक लोगों को तंबाकू और धूम्रपान की लत से मुक्ति दिलाने के लिए सफल मार्गदर्शन और उपचार प्रदान किया जा चुका है। सामाजिक सरोकार से जुड़ी यह अनूठी पहल अब न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है।

इस दूरदर्शी अभियान की नींव साल 2014 में कॉलेज के ओरल मेडिसिन एवं रेडियोलॉजी विभाग द्वारा “टोबैको इंटरवेंशन इनिशिएटिव” के रूप में रखी गई थी। बाद में, जून 2018 में इसे और अधिक विस्तार देते हुए एक पूर्ण 'टोबैको सेसेशन सेंटर' के रूप में स्थापित किया गया। यह केंद्र मरीजों की पहचान करने से लेकर उनकी काउंसिलिंग और एडवांस इलाज तक की पूरी कमान संभालता है।

स्क्रीनिंग से लेकर सर्जरी तक: एक ही छत के नीचे संपूर्ण इलाज

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, यहाँ आने वाले हर मरीज की गहनता से जांच की जाती है ताकि मुख कैंसर (Oral Cancer) जैसी जानलेवा बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके। केंद्र की कार्यप्रणाली को बेहद आधुनिक और बहुआयामी बनाया गया है:

  • आधुनिक जांच सुविधाएं: शुरुआती लक्षणों को पकड़ने के लिए यहाँ स्मोकर्लाइजर टेस्ट, सैलिवरी/यूरिन कोटिनिन टेस्ट, बायोप्सी, रेडियोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन और एडवांस लैब टेस्ट जैसी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं उपलब्ध हैं।

  • व्यवहार और मानसिक बदलाव पर जोर: केवल दवाइयां देना ही इस केंद्र का मकसद नहीं है। मरीजों की लत छुड़ाने के लिए उनके व्यवहार में बदलाव लाने हेतु मनोवैज्ञानिक परामर्श (साइकोलॉजिकल काउंसिलिंग), लेज़र थेरेपी और गंभीर मामलों में सर्जिकल मैनेजमेंट का सहारा लिया जाता है।

राष्ट्रीय अभियानों में सहयोग और भावी डॉक्टरों को ट्रेनिंग

यह केंद्र भारत सरकार के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के साथ मिलकर भी पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। इसके तहत विश्व तंबाकू निषेध दिवस और विश्व कैंसर दिवस जैसे मौकों पर लगातार बड़े पैमाने पर आउटरीच प्रोग्राम और जन-जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

इसके अलावा, कॉलेज अपने बीडीएस (BDS) छात्रों, इंटर्न्स और पोस्ट ग्रेजुएट (MD) स्टूडेंट्स को भी इस विंग में विशेष ट्रेनिंग दे रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य के डॉक्टरों को सार्वजनिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के प्रति शुरू से ही संवेदनशील और कुशल बनाना है।चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि सरस्वती डेंटल कॉलेज और अस्पताल द्वारा तैयार किया गया यह ट्रीटमेंट मॉडल बेहद सटीक और प्रभावी है। यदि देश के सभी मेडिकल और डेंटल संस्थान इसी कार्यप्रणाली को अपने यहाँ लागू करें, तो तंबाकू से होने वाली बीमारियों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है।

Tags