हिन्दू महासभा ने पांच राज्यों की इकाइयां भंग कीं, संगठन पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू

Hindu Mahasabha Dissolves Units in Five States; Organizational Restructuring Process Initiated
 
हिन्दू महासभा ने पांच राज्यों की इकाइयां भंग कीं, संगठन पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ। अखिल भारत हिन्दू महासभा ने संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की प्रदेश इकाइयों समेत उनके अंतर्गत संचालित सभी प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी ने यह फैसला संगठन को नई दिशा और मजबूती देने के उद्देश्य से लिया है।

यह घोषणा संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. इंदिरा तिवारी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज के निर्देश पर की। साथ ही संगठन विस्तार और नए ढांचे के गठन के लिए डॉ. इंदिरा तिवारी के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेष समिति का गठन भी किया गया है। समिति में मनोज अलुंगल, अनुपम मिश्रा, राजकुमार सिंह, पवन पुनिया, नरेंद्र सैनी और जगविजय सिंह लोधी को शामिल किया गया है।

पार्टी के अनुसार यह समिति सदस्यता अभियान चलाने, संगठन को सक्रिय बनाने और नई इकाइयों के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। संगठनात्मक समीक्षा के दौरान यह महसूस किया गया कि कई राज्यों में संगठन को नई ऊर्जा और सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।

डॉ. इंदिरा तिवारी ने बताया कि सबसे पहले संबंधित राज्यों में व्यापक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सदस्यता अभियान के बाद चरणबद्ध तरीके से प्रदेश, जिला, नगर, तहसील, वार्ड और ग्राम स्तर तक नई समितियों का गठन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर प्रदेश समितियों का गठन छह माह के लिए किया जाएगा और उनके कार्यों की समीक्षा के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। संगठन में सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को भविष्य में पदोन्नति और जिम्मेदारियां भी दी जाएंगी।

पार्टी ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डॉ. इंदिरा तिवारी ने कहा कि अखिल भारत हिन्दू महासभा का इतिहास राष्ट्रवाद और सनातन संस्कृति की रक्षा से जुड़ा रहा है। उन्होंने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज की विभिन्न राष्ट्रहित और धार्मिक मुद्दों में सक्रिय भूमिका का भी उल्लेख किया।

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