ईमानदारी और खुद्दारी हैं जीवन के सबसे अनमोल हीरे, प्रेरणादायक कहानी सुनाकर हरिश्चंद्र सिंह चौहान ने दिया संदेश
लखनऊ। जीवन में धन-दौलत और कीमती वस्तुओं से बढ़कर ईमानदारी और आत्मसम्मान का महत्व होता है। जिस व्यक्ति के पास ये दोनों गुण होते हैं, वह वास्तविक अर्थों में सबसे धनी होता है। इसी प्रेरणादायक संदेश को प्रस्तुत करती है शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह चौहान की कहानी, जो बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज, लखनऊ से जुड़े हैं।
ईमानदारी की अनमोल मिसाल
एक बार एक सौदागर ने बहुत अच्छी नस्ल का ऊंट खरीदा। घर पहुंचने पर उसने अपने नौकर से ऊंट की काठी उतारने को कहा। काठी हटाते ही उसके नीचे मखमली कपड़े की एक छोटी-सी थैली मिली। नौकर ने जब थैली खोली, तो उसमें कीमती हीरे-जवाहरात भरे हुए थे। यह देखकर वह खुशी से चहक उठा और बोला, “मालिक! आपने ऊंट खरीदा था, लेकिन इसके साथ इतना बड़ा खजाना मुफ्त में मिल गया।”
सौदागर ने शांत स्वर में जवाब दिया, “मैंने ऊंट खरीदा है, हीरे-जवाहरात नहीं। ये मेरे नहीं हैं, इसलिए इन्हें इनके असली मालिक को लौटाना हमारा कर्तव्य है।”
वह बिना देर किए ऊंट बेचने वाले के पास पहुंचा और उसे हीरों से भरी थैली लौटा दी। थैली देखकर ऊंट का मालिक बेहद खुश हुआ। उसने कहा, “मैं तो भूल ही गया था कि मैंने अपने कीमती हीरे ऊंट की काठी के नीचे छिपाकर रखे थे। आपने इतनी ईमानदारी दिखाई है, इसलिए इनमें से एक-दो हीरे आप जरूर रख लीजिए।”
लेकिन सौदागर ने इनाम लेने से साफ इनकार कर दिया। उसने कहा, “मैंने ऊंट की पूरी कीमत चुका दी है। अब किसी अतिरिक्त इनाम की मुझे जरूरत नहीं है।”
ऊंट बेचने वाले ने जब बार-बार आग्रह किया, तो सौदागर मुस्कुराते हुए बोला, “आपने दो सबसे कीमती हीरे तो मुझे पहले ही दे दिए हैं।”
यह सुनकर ऊंट का मालिक हैरान रह गया। उसने तुरंत थैली खोलकर सभी हीरे गिने। सारे हीरे सुरक्षित थे। वह आश्चर्य से बोला, “मेरे सभी हीरे तो यहीं हैं। फिर वे दो सबसे कीमती हीरे कौन से हैं, जिन्हें आप अपने पास होने की बात कह रहे हैं?”
सौदागर ने मुस्कुराकर उत्तर दिया, “मेरी ईमानदारी और मेरी खुद्दारी ही वे दो अनमोल हीरे हैं। जिस व्यक्ति के पास ईमानदारी और आत्मसम्मान जैसे गुण होते हैं, वह संसार का सबसे अमीर इंसान होता है।”
कहानी से मिलने वाली सीख
यह कहानी हमें सिखाती है कि किसी व्यक्ति की असली पहचान उसकी संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और मूल्यों से होती है। बेईमानी से प्राप्त धन कुछ समय के लिए सुख दे सकता है, लेकिन ईमानदारी से कमाया गया सम्मान जीवनभर साथ रहता है।
