मानवाधिकार जनसेवा परिषद द्वारा पूजित मूर्तियों का सम्मानपूर्वक विसर्जन

The idols worshipped by the Human Rights Public Service Council were respectfully immersed.
 
The idols worshipped by the Human Rights Public Service Council were respectfully immersed.
लखनऊ। मानवाधिकार जनसेवा परिषद द्वारा दीपावली के पश्चात लखनऊ शहर के विभिन्न स्थानों पर संचित पूजित मूर्तियों का सम्मानपूर्वक विसर्जन किया गया। परिषद की टीम ने अलग-अलग संग्रह स्थलों से हजारों मूर्तियों को एकत्रित कर पहले प्लास्टिक थैलों से अलग करवाया, उसके बाद विधि-विधान से विसर्जन सम्पन्न कराया गया। परिषद का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पूजित मूर्तियों का गरिमामय विसर्जन सुनिश्चित करना है।

परिषद के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने बताया कि संस्था कई वर्षों से यह सेवा अभियान निरंतर चला रही है। दिवाली के उपरांत प्रायः लोग गणेश-लक्ष्मी सहित अन्य पूजित मूर्तियों को पेड़ों के नीचे, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों या कूड़े के पास रख देते हैं, जिससे उन मूर्तियों का मान-सम्मान आहत होता है। इस स्थिति को देखते हुए परिषद समय-समय पर शहर के चुनिंदा स्थानों पर संग्रह स्थल बनाकर मूर्तियों को सुरक्षित रूप से एकत्रित करती है और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप उनका विसर्जन करवाती है।

इस वर्ष गोमतीनगर, इंदिरा नगर, विकास नगर, खरगापुर समेत अनेक क्षेत्रों में संग्रह केंद्र बनाए गए थे। इसके अतिरिक्त पार्कों और सार्वजनिक स्थानों से भी टीम ने मूर्तियाँ संकलित कीं। अभियान में आशा सिंह, रेनू तिवारी, सविता शुक्ला, कुसुम वर्मा तथा अन्य स्वयंसेवकों का सहयोग उल्लेखनीय रहा। सम्मानयोग्य विसर्जन कार्य में परिषद के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा के साथ पी.एस. उपाध्याय एवं कई पदाधिकारी सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

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