दीपावली पर उपहार के साथ स्थानीय कारीगरों के हुनर का भी करें सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
ओडीओपी उत्पादों को उपहार में देने की अपील, प्रदेश के कुल निर्यात में लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी; 81 जीआई टैग से यूपी के उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान
लखनऊ, 5 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल रोशनी और खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मीयता, उल्लास और लोकमंगल की भावना से जुड़ा पर्व भी है। इस अवसर पर अपने प्रियजनों को उपहार देते समय प्रदेश के हुनरमंद कारीगरों और शिल्पकारों के परिश्रम को भी सम्मान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने में एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान मिल रही है।
प्रदेश के निर्यात में ओडीओपी उत्पादों की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कुल निर्यात में ओडीओपी उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है। वहीं, प्रदेश को मिले 81 जीआई टैग यहां के पारंपरिक उत्पादों और विशिष्ट शिल्प की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों ने अपनी मेहनत, कौशल और रचनात्मकता से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया है।
ओडीओपी उत्पादों को उपहार में देने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस दीपावली पर स्थानीय उत्पादों को उपहार के रूप में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ओडीओपी उत्पादों को उपहार में देना केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की परंपरा, विरासत और हुनरमंद लोगों के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम भी है। इससे स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उनके उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार होगा।
'वोकल फॉर लोकल' से मजबूत होगा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूती दी जा सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली पर स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाएं, ताकि प्रदेश की पारंपरिक कला, शिल्प और कारीगरों की मेहनत को उचित सम्मान मिल सके।
