आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ स्मॉलकैप 250 इंडेक्स फंड: उभरती कंपनियों में निवेश का नया अवसर

ICICI Prudential Life Smallcap 250 Index Fund: A new opportunity to invest in emerging companies
 
ICICI Prudential Life Smallcap 250 Index Fund: A new opportunity to invest in emerging companies
आगरा, मार्च 2026: ICICI Prudential Life Insurance ने अपनी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस योजनाओं (ULIPs) के तहत स्मॉलकैप 250 इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। यह नया फंड निवेशकों को भारत की उभरती कंपनियों में निवेश कर दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण का अवसर प्रदान करता है।
यह फंड Nifty Smallcap 250 Index को ट्रैक करता है, जिसमें Nifty 500 की 251वीं से 500वीं रैंक तक की 250 कंपनियाँ शामिल होती हैं। इन कंपनियों को आमतौर पर विकास के शुरुआती चरण में माना जाता है, जिनमें समय के साथ तेज़ वृद्धि की संभावना रहती है।

कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार, यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो अनुशासित और पारदर्शी तरीके से उभरते सेक्टर्स में निवेश करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि फंड का नियम-आधारित (रूल-बेस्ड) और इंडेक्स-आधारित दृष्टिकोण निवेश में स्थिरता और विविधता सुनिश्चित करता है।

निवेश की प्रमुख विशेषताएँ:

  • 250 उभरती कंपनियों में निवेश: फाइनेंशियल सर्विस, हेल्थकेयर और कैपिटल गुड्स जैसे विभिन्न सेक्टर्स में अवसर
  • पैसिव निवेश रणनीति: सक्रिय स्टॉक चयन के बजाय इंडेक्स के अनुरूप निवेश
  • विविध पोर्टफोलियो: जोखिम संतुलन के साथ लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना
  • अनुशासित दृष्टिकोण: इंडेक्स की समीक्षा साल में दो बार
27 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस इंडेक्स ने पिछले 1 वर्ष में 15.36% और पिछले 5 वर्षों में औसतन 19.04% वार्षिक रिटर्न दिया है। हालांकि, चूँकि यह निवेश शेयर बाजार से जुड़ा है, इसलिए बाजार के उतार-चढ़ाव का प्रभाव फंड के मूल्य पर पड़ सकता है।
यह फंड ICICI Prudential Life Insurance के लोकप्रिय प्लान्स जैसे ICICI प्रू सिग्नेचर एश्योर, स्मार्टकिड एश्योर और स्मार्ट इंश्योरेंस प्लान प्लस (SIP+) में निवेश के लिए उपलब्ध है।
स्मॉलकैप 250 इंडेक्स फंड उन निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प हो सकता है जो भारत की उभरती अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनना चाहते हैं और लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण का लक्ष्य रखते हैं—हालांकि निवेश से पहले जोखिम और वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना जरूरी है

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