इच्छापूर्ति श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में मूर्ति स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा भव्य रूप से संपन्न
कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करती हुई पुनः मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे। महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ श्री पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। साथ ही मां भगवती दुर्गा जी तथा भव्य शिवलिंग सहित शिव परिवार की स्थापना भी विधिवत संपन्न हुई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
मनीष रस्तोगी, पार्षद आचार्य नरेंद्र देव वार्ड, ने कहा कि श्रद्धालुओं की मान्यता है कि श्री पंचमुखी हनुमान जी की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के संकटों का नाश होता है। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण क्षेत्रवासियों के सहयोग और सामूहिक प्रयास से संभव हुआ है, जो सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
सायं 4 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके उपरांत सायं 7 बजे से भजन संध्या का आयोजन किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। भजन संध्या में भक्तों ने भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु का गुणगान कर वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं सद्भाव की कामना की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मंदिर आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र सिद्ध होगा।
