ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी तो प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
11,350 डिजिटल लाइब्रेरी समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
यूपी व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में देश में पहले स्थान पर
लखनऊ | जनवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायतीराज विभाग के कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तभी आत्मनिर्भर बनेगा, जब उसकी ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी। इसके लिए ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए।
उत्सव भवनों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने उत्सव भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर मांगलिक कार्यक्रमों के लिए किया जाए। अन्य दिनों में इन भवनों का प्रयोग योग, वेलनेस और सामाजिक गतिविधियों के लिए हो। सहालग के दौरान समय-सारिणी बनाकर अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिया जाए।उन्होंने कहा कि उत्सव भवनों के निर्माण में सीएसआर, विधायक निधि और मातृभूमि योजना के अंतर्गत सहयोग लिया जाए तथा ब्लॉक स्तर पर इस योजना का विस्तार किया जाए।
मातृभूमि योजना से प्रवासियों को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने मातृभूमि योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहयोग देने वाले प्रवासियों के पूर्वजों के नाम पर परियोजनाओं का नामकरण किया जाए और उन्हें प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों।
शौचालय निर्माण में यूपी देश में अव्वल
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 9.67 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 4.79 लाख शौचालय निर्मित हो चुके हैं।
इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। देश में बने कुल 17.26 लाख शौचालयों में से 28 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में निर्मित हुए हैं।
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और राजस्व वसूली
अधिकारियों ने जानकारी दी कि 282 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष 103 इकाइयां पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 132 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजस्व वसूली की समीक्षा में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 334.10 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में नवंबर तक 271.48 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जो लक्ष्य का 140.89 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों की सराहना की।
160 एफएसटीपी शीघ्र शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सीवर और ड्रेनेज के पानी को शुद्ध कर खेती और बागवानी में उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए प्रदेश में 160 एफएसटीपी (FSTP) के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएं।
11,350 डिजिटल लाइब्रेरी गुणवत्तापूर्ण ढंग से हों पूर्ण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में प्रस्तावित 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय-सीमा में पूरे किए जाएं।उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी में उपयोग होने वाले कंप्यूटर, फर्नीचर और पुस्तकें स्थानीय छात्र-छात्राओं की आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
हर ग्राम पंचायत में इंटीग्रेटेड कैम्पस और खुली चौपाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में यथासंभव इंटीग्रेटेड कैम्पस बनाया जाए, जिसमें विद्यालय, उत्सव भवन, खेल का मैदान, ओपन जिम, पार्क और मॉडल शॉप जैसी सुविधाएं हों। भूमि चयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए और स्थान ऐसा हो, जहां सभी की पहुंच आसान हो।इसके साथ ही, हर ग्राम पंचायत में खुली चौपाल आयोजित की जाए, जहां सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाए, लाभार्थियों का सत्यापन हो और नए लाभार्थियों का चयन किया जाए।
मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पंचायतीराज विभाग के सभी अधिकारियों की वर्ष में एक बार लखनऊ में भौतिक बैठक और हर माह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की जाए।
उन्होंने कहा कि विभाग एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करे, ताकि योजनाएं समय से पूरी हो सकें।
