इग्नू का लक्ष्य: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक रोजगारपरक शिक्षा पहुँचाना, जुलाई सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

IGNOU's goal: To take employment-oriented education to rural and remote areas; admission process for the July session begins.
 
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बलरामपुर/लखनऊ डेस्क (अमृत उजाला): इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनामिका सिन्हा ने बुधवार को एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज, बलरामपुर में संचालित इग्नू अध्ययन केंद्र का एकदिवसीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के उद्देश्यों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत नए पाठ्यक्रमों और आगामी शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला।

शिक्षा का लोकतंत्रीकरण और रोजगार पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान डॉ. अनामिका सिन्हा ने कहा कि इग्नू का प्राथमिक ध्येय देश के कोने-कोने तक, विशेष रूप से ग्रामीण, आदिवासी और वंचित क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्ता वाली, लचीली और किफायती उच्च शिक्षा पहुँचाना है। उन्होंने कौशल आधारित और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना ही विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य है।इग्नू शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में काम कर रहा है। यह कामकाजी पेशेवरों, दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों और समाज के सभी वर्गों को बिना नियमित कक्षाओं के, अपनी गति से पढ़ाई पूरी करने की स्वतंत्रता देता है।"

15 जुलाई 2026 तक खुला है प्रवेश का मौका

शैक्षणिक सत्र जुलाई 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देते हुए क्षेत्रीय निदेशक ने बताया:

  • अंतिम तिथि: नए सत्र के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

  • आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक अभ्यर्थी इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट www.ignou.ac.in पर जाकर समर्थ (Samarth) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। छात्र सरकारी पहचान पत्रों और आवश्यक विवरणों की सहायता से अपनी अपार आईडी (APAAR ID) बनाकर आसानी से रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं।

  • पाठ्यक्रमों की संख्या: वर्तमान में इग्नू द्वारा 330 मुक्त दूरस्थ शिक्षा (ODL) कार्यक्रम और 44 ऑनलाइन प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं।

नए और पारंपरिक विषयों की विस्तृत श्रृंखला

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप इग्नू द्वारा स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र स्तर पर कई नए और आधुनिक विषय प्रस्तावित किए गए हैं:

स्तर उपलब्ध मुख्य पाठ्यक्रम / विषय
कला स्नातक (BA) अर्थशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, संस्कृत, उर्दू, गृह विज्ञान, पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया, पर्यटन प्रबंधन और शिक्षाशास्त्र।
विज्ञान परास्नातक (M.Sc) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (AI & ML), जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और भूगोल।
कला परास्नातक (MA) व डिप्लोमा ज्योतिष, भगवदगीता अध्ययन, संस्कृत में एमए तथा आपदा प्रबंधन (Disaster Management) में विशेष डिप्लोमा।

गरिमामयी उपस्थिति में प्रोस्पेक्टस का वितरण

निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनामिका सिन्हा ने नवीन सत्र की इग्नू प्रोस्पेक्टस प्रति महाविद्यालय की मुख्य नियन्ता प्रो. वीणा सिंह को सौंपी। प्रो. वीणा सिंह ने क्षेत्रीय निदेशक का गर्मजोशी से स्वागत किया और महाविद्यालय में इग्नू केंद्र के सफल संचालन के लिए आभार व्यक्त किया।

इस विशेष अवसर पर कॉलेज के कई वरिष्ठ प्राध्यापक और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें आईक्यूएसी (IQAC) समन्वयक प्रो. एस.पी. मिश्र, वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन, रोजगारपरक शिक्षा प्रभारी डॉ. सद्गुरु प्रकाश, परीक्षा प्रभारी डॉ. लवकुश पाण्डेय, और महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान सहित इग्नू केंद्र का स्थानीय स्टाफ मुख्य रूप से शामिल था।

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