IMA लखनऊ: विश्व स्वास्थ्य दिवस पर राज्य स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स संपन्न, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
वरिष्ठ चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन दोपहर 1:20 बजे मुख्य अतिथि डॉ. राजीव गोयल (प्रदेश अध्यक्ष, आईएमए उत्तर प्रदेश) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आईएमए यूपी के आगामी सत्र के अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. रविश अग्रवाल और जोन-3 के उपाध्यक्ष डॉ. वी.के. त्रिपाठी मौजूद रहे।
आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य क्लिनिकल प्रैक्टिस में आ रहे बदलावों और आधुनिक शोध से चिकित्सकों को अपडेट रखना है।
सांस्कृतिक और वैज्ञानिक सत्रों का संगम
वैज्ञानिक सत्रों का संचालन वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. संजय श्रीवास्तव के कुशल मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम का प्रभावी संयोजन मानद सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने किया, जबकि वैज्ञानिक सचिव डॉ. अर्चिका गुप्ता ने समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
इन महत्वपूर्ण चिकित्सा विषयों पर हुआ मंथन
दिनभर चले इस रिफ्रेशर कोर्स में 30 से अधिक विशेषज्ञों ने विभिन्न जटिल विषयों पर व्याख्यान दिए, जिनमें प्रमुख थे:
-
महिला एवं शिशु स्वास्थ्य: मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, और प्रसवोत्तर रक्तस्राव (PPH) प्रबंधन।
-
आधुनिक सर्जरी: यूरोलॉजी में रोबोटिक्स, स्पाइन सर्जरी में प्रगति और जॉइंट रिप्लेसमेंट।
-
जीवनशैली बीमारियां: डायबिटीज प्रबंधन, ओरल सेमाग्लूटाइड और कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम।
-
कैंसर एवं दर्द प्रबंधन: सिर, गर्दन के कैंसर और कैंसरजनित दर्द का सटीक उपचार।
-
मानसिक स्वास्थ्य: अवसाद (Depression) से जुड़े मिथकों को दूर करने पर विशेष चर्चा।
-
अन्य विषय: बचपन में मायोपिया, पुरुष बांझपन, पल्मोनरी एवं टीबी अपडेट्स और चिकित्सा अभ्यास में सॉफ्ट स्किल्स की भूमिका।
प्रमुख वक्ताओं का योगदान
समारोह में डॉ. सूर्यकांत, डॉ. राजीव सक्सेना, डॉ. अरुण पाण्डेय, डॉ. शाश्वत सक्सेना, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. नीरज टंडन, डॉ. दीपक दीवान, डॉ. अचल गुप्ता, डॉ. संतोष सिंह और डॉ. नईम अहमद शेख सहित कई ख्याति प्राप्त चिकित्सकों ने अपने शोध पत्र और अनुभव साझा किए।
स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. राजीव गोयल ने स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईएमए निरंतर चिकित्सा समुदाय और जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में उन मॉडरेटर्स और समन्वयकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने इस विस्तृत शैक्षणिक सत्र को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाई।


