ईरान-इजरायल युद्ध का असर: भारत में महंगी हुई रसोई गैस; घरेलू सिलिंडर ₹60 और कमर्शियल ₹115 बढ़ा
रसोई का बजट बिगड़ा, महंगाई की मार
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत में ₹60 का इजाफा हुआ है। अब ₹890 में मिलने वाला सिलिंडर उपभोक्ताओं को ₹950 में मिलेगा। वहीं, व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर दिख रहा है क्योंकि 19 किलो का कमर्शियल सिलिंडर ₹115 महंगा हो गया है। दामों में इस उछाल से न केवल घर की रसोई, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट के खर्च भी बढ़ेंगे, जिसका सीधा असर आम जनता की थाली पर पड़ेगा।
पेट्रोल पंपों पर अफवाहों का दौर और भीड़
युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता की खबरों के बीच अफवाहों का बाजार भी गर्म है। डीजल-पेट्रोल की संभावित किल्लत या कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका के चलते लखनऊ सहित कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग भविष्य की असुरक्षा के चलते पैनिक बाइंग (जल्दबाजी में खरीदारी) कर रहे हैं।
सरकार और तेल कंपनियों का पक्ष
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि:
-
देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
-
जनता किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दे।
-
CNG और PNG की कीमतों में भी मामूली बढ़ोतरी की संभावना है, लेकिन सप्लाई चेन सुरक्षित है।
सरकारी निर्देश: सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने तेल कंपनियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि घरेलू आपूर्ति में कोई कमी न आए।
प्रमुख बिंदु:
-
घरेलू एलपीजी: ₹890 से बढ़कर ₹950 हुई।
-
कमर्शियल एलपीजी: ₹115 की भारी बढ़ोत्तरी।
-
असर: मध्यमवर्गीय परिवारों और महिलाओं का मासिक बजट प्रभावित।
-
बाजार की स्थिति: पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों से पंपों पर भीड़।
: वैश्विक युद्ध की आंच ने भारतीय गृहिणियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। यदि पश्चिम एशिया में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में माल ढुलाई और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी देखी जा सकती है।
