लखनऊ आईटीआई परिसर में नई वर्कशॉप विंग का उद्घाटन; अब छात्रों को मिलेंगे 10 नए वोकेशनल कोर्स
बुनियादी ढांचे के साथ बढ़ीं सीटें
निदेशक प्राविधिक डी. के. सिंह ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि इस नई बिल्डिंग के निर्माण से संस्थान की क्षमता में भारी बढ़ोतरी हुई है।
-
कोर्स की संख्या: संस्थान में कुल ट्रेड (व्यवसाय) की संख्या 10 से बढ़कर अब 20 हो गई है।
-
छात्रों की संख्या: नए कोर्सेज शुरू होने के बाद यहाँ पढ़ने वाले कुल विद्यार्थियों की संख्या 1,300 तक पहुँच गई है।
उन्होंने आगे बताया कि यह संस्थान आईटीआई के इंस्ट्रक्टर्स (प्रशिक्षकों) को सीआईपीएस (CIPS) ट्रेनिंग भी देता है, जिसके तहत अब तक 1,338 प्रशिक्षकों को कुशल बनाया जा चुका है।
ये 10 नए कोर्स हुए शुरू
नए वर्कशॉप ब्लॉक-सी में जिन नए व्यवसायों/ट्रेड्स की शुरुआत की गई है, वे युवाओं को रोजगार दिलाने में बेहद मददगार साबित होंगे। इन कोर्सेज की सूची इस प्रकार है:
-
ड्रेस मेकिंग (Dress Making)
-
ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक (Draftsman Mechanic)
-
इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक (Instrument Mechanic)
-
मैकेनिक डीजल (Mechanic Diesel)
-
मैकेनिक ट्रैक्टर (Mechanic Tractor)
-
ऑफिस मैनेजमेंट (Office Management)
-
पेंटिंग टेक्नोलॉजी (Painting Technology)
-
सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस - हिंदी (Secretarial Practice - Hindi)
-
इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन (Electrician Power Distribution)
-
टर्नर (Turner)
"शिक्षा की गुणवत्ता और प्लेसमेंट पर रहेगा मुख्य फोकस"
उद्घाटन के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने छात्रों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने शिक्षा के स्तर को सुधारने, विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाने और बीच में पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) वाले छात्रों की संख्या को कम करने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान उन्होंने ट्रेनिंग ले रहे छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर में एक नीम का पौधा भी रोपा।
वहीं, प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने विभाग की इस सफलता को रेखांकित करते हुए कहा हमारा मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास से जोड़ना, ट्रेनिंग की क्वालिटी को बेहतरीन बनाना और कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों के शत-प्रतिशत प्लेसमेंट को सुनिश्चित करना है।"
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: इस खास मौके पर निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह, अपर निदेशक मानपाल सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
इस रीराइट की मुख्य विशेषताएं (SEO व रीडेबिलिटी के लिए):
-
आकर्षक हेडलाइंस और सब-हेडिंग्स: ताकि पाठक को जानकारी आसानी से समझ आए।
-
बुलेट पॉइंट्स और टेबल फॉर्मेट: महत्वपूर्ण आंकड़ों (जैसे सीटों और कोर्सेज की संख्या) को हाइलाइट करने के लिए।
-
कोटेशन ब्लॉक: प्रमुख सचिव के बयान को अलग से दर्शाने के लिए ताकि खबर प्रामाणिक लगे।
