आरसीएम रूपांतरण यात्रा में नवोद्यमियों की बढ़ती भागीदारी; लखनऊ में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
खनऊ, 21 नवम्बर — आरसीएम की राष्ट्रव्यापी रूपांतरण यात्रा के प्रारंभ से अब तक लाखों नवोद्यमी इस अभियान से जुड़ चुके हैं, जो कंपनी की जन-केंद्रित विकास सोच का बड़ा संकेत है। यात्रा का नया पड़ाव लखनऊ रहा, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार पर केंद्रित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की। अब तक कई शहरों में हो चुकी व्यापक भागीदारी को देखते हुए अनुमान है कि 75 शहरों की यह यात्रा 23 दिसंबर 2025 को समाप्त होने तक एक मिलियन से अधिक लोगों तक पहुँच सकती है।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने विशेष उत्साह दिखाते हुए रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मनिर्भरता से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। लोगों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह यात्रा सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जिम्मेदार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने वाला अभियान बन चुकी है।
उत्तर प्रदेश: आरसीएम का मजबूत आधार
राज्य में आरसीएम को हमेशा से विशेष समर्थन मिलता रहा है। लोगों का रुझान और सामाजिक प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि आरसीएम की पहलों को यहां गहरा विश्वास प्राप्त है।
16 सितंबर 2025 को यात्रा के शुभारंभ के बाद से अब तक 20,000 से अधिक नए सदस्य आरसीएम परिवार से जुड़ चुके हैं। इससे कंपनी के दो मिलियन+ सक्रिय एसोसिएट बायर्स के नेटवर्क को और सुदृढ़ता मिली है। यात्रा के अन्य शहरों में पहुँचने के साथ यह संख्या और बढ़ने की सम्भावना है।
रक्तदान और स्वास्थ्य गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी
इस चरण में लगाए गए विशेष रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया, जिससे यात्रा के दौरान रक्तदान करने वालों की कुल संख्या 2,000 से अधिक हो गई। कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जन-जागरूकता गतिविधियों से भी जोड़ा गया।
लखनऊ में यह आयोजन सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल ग्राउंड, कानपुर–हरदोई लिंक रोड, सरोसा (शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय के पास) में भव्य रूप से संपन्न हुआ, जहां हजारों लोग उपस्थित रहे।
प्रेरक अनुभव और सीख
कार्यक्रम में शामिल लोगों की प्रतिक्रियाओं से आयोजन का प्रभाव स्पष्ट झलका। किसी प्रतिभागी ने दो दशक बाद रक्तदान कर आनंद व्यक्त किया, तो किसी ने राइस ब्रैन ऑयल के स्वास्थ्य लाभों को अपने लिए नई जानकारी बताया।
पूरे आयोजन को दो सत्रों में विभाजित किया गया—
-
सुबह: स्वास्थ्य एवं सेवा आधारित गतिविधियाँ
-
शाम: सांस्कृतिक कार्यक्रम और उत्सव
इसके साथ ही रूपांतरण मेला भी आयोजित हुआ, जिसमें इंटरएक्टिव बूथ्स के माध्यम से लोग न्यूट्रीचार्ज, गामा, कीसोल सहित आरसीएम के उत्पाद पोर्टफोलियो से परिचित हुए। फूड कोर्ट में स्वीच्छा और गुड डॉट जैसे ब्रांड्स के पौष्टिक व्यंजन परोसे गए।
पुस्तक “मनसा वाचा कर्मणा” का आकर्षण
आरसीएम के संस्थापक तिलोकचंद छाबड़ा के जीवन पर आधारित यह नई पुस्तक भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। यह पुस्तक उनके जीवन मूल्यों और समाज पर पड़े प्रभाव को उजागर करती है।
आरसीएम नेतृत्व की प्रतिक्रियाएँ
सौरभ छाबड़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर, आरसीएम कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्रा. लि. ने कहा—
“लखनऊ का उत्साह हमारे जन-आधारित आंदोलन की शक्ति को दर्शाता है। हम हर घर को बेहतर स्वास्थ्य, मजबूत मूल्यों और नए आर्थिक अवसरों से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।”
प्रियंका अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा रूपांतरण यात्रा का लखनऊ चरण हमारी 17,000 किमी लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हम महिलाओं को सम्मान, शक्ति और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
मनोज कुमार, सीईओ ने कहा लखनऊ में मिले उत्साह ने इस यात्रा को नई दिशा दी है। यह प्रेरणा पूरे भारत में लाखों लोगों तक पहुँचेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए सकारात्मक बदलाव का आधार बनेगी।”
अगले चरण की ओर बढ़ती यात्रा
रूपांतरण यात्रा अपने अगले शहरों की ओर बढ़ रही है। लखनऊ और उत्तर प्रदेश में छोड़ी गई ऊर्जा आने वाले समय में विकास और सामुदायिक कल्याण की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगी।
आरसीएम कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्रा. लि. के बारे में
-
वर्ष 2000 में केवल एक टेक्सटाइल उत्पाद से शुरुआत
-
आज ₹2,400 करोड़ का विस्तृत उद्यम
-
400+ उत्पाद, दो मिलियन से अधिक सक्रिय एसोसिएट बायर्स
-
10,000+ रिटेल स्टोर्स और 170 डिपो का नेटवर्क
-
तीन आधुनिक उत्पादन संयंत्र—भीलवाड़ा, गुवाहाटी, रुड़की
-
मजबूत R&D विंग जो उत्पादों की उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करता है।
कंपनी के प्रमुख ब्रांड्स: हेल्थ गार्ड, कीसोल, व्योमिनी, स्वीच्छा, नैसा, शिनोल, कैविगो, ऑथेंज़ा, त्रिकारा, न्यूट्रीचार्ज, गुड डॉट, हरित संजीवनी, पिक्सी, रेविटो, गामा ओरीजेनॉल, पीट्रॉन आदि।
सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत “आरसीएम सेवा” पहल मूल्य-आधारित शिक्षा, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, ऊर्जा बचत, नशामुक्ति अभियान और रक्तदान शिविर जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देती है।
